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91 नए पैकेज शामिल; कुल संख्या बढ़कर 2,254 हुई
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आयुष्मान भारत-गोपबंधु जन आरोग्य योजना के तहत मिलेगी कैशलेस सुपर स्पेशियलिटी उपचार की सुविधा
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मुख्यमंत्री कैंसर केयर अभियान के लिए 311 करोड़ रुपये का प्रावधान
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य में कैंसर मरीजों को बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबीपीएमजेएवाई) और गोपबंधु जन आरोग्य योजना (जीजेएवाई) के एकीकृत ढांचे के तहत 91 नए विशेष कैंसर उपचार पैकेज शामिल किए हैं। इसके साथ ही लाभार्थियों के लिए उपलब्ध कुल उपचार पैकेजों की संख्या बढ़कर 2,254 हो गई है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ मुकेश महालिंग ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) की स्वीकृति के बाद इन 91 विशेष कैंसर उपचार पैकेजों को राज्य के मास्टर पैकेज सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब कोई भी पात्र कैंसर रोगी उपचार के अभाव में असहाय नहीं रहेगा और सभी पात्र लाभार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली कैशलेस सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री कैंसर केयर अभियान को मिलेगा और बल
डॉ महालिंग ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार के मुख्यमंत्री कैंसर केयर अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 311 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस राशि का उपयोग निःशुल्क कैंसर उपचार, जन-जागरूकता अभियान, मोबाइल स्वास्थ्य शिविर, हब एंड स्पोक मॉडल के तहत डिजिटल स्वास्थ्य केंद्रों के विकास तथा मरीजों के लिए निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में किया जाएगा।
सर्जरी से लेकर कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी तक का व्यापक लाभ
जब ओडिशा में एकीकृत एबीपीएमजेएवाई-जीजेएवाई योजना लागू की गई थी, उस समय लाभार्थियों के लिए 2,163 उपचार पैकेज उपलब्ध थे। अब 91 नए पैकेज जुड़ने से जटिल कैंसर उपचारों का दायरा काफी विस्तृत हो गया है।
इन नए पैकेजों में कैंसर से संबंधित विशेष सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, ऑन्कोलॉजी सेवाएं तथा बहु-विषयक चिकित्सा उपचार को शामिल किया गया है, जिससे मरीजों को अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं बिना किसी आर्थिक बोझ के मिल सकेंगी।
महंगे इलाज का बोझ कम करने की दिशा में बड़ा कदम
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कैंसर एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जिसके उपचार के लिए समय पर जांच, सही निदान और विशेषज्ञ चिकित्सा की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही इसका इलाज सामान्य परिवारों के लिए आर्थिक रूप से अत्यंत महंगा साबित होता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने कैंसर उपचार पैकेजों का विस्तार करने को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने बताया कि राज्य के सभी सूचीबद्ध (एम्पैनल्ड) अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे नए जोड़े गए सभी पैकेजों के तहत पात्र लाभार्थियों को पूरी तरह कैशलेस उपचार उपलब्ध कराएं।
मरीजों को मिलने लगा योजना का लाभ
नई व्यवस्था का लाभ मरीजों को मिलना भी शुरू हो गया है। जाजपुर जिले के कुआखिया निवासी 32 वर्षीय आर्यभानु मोहंती, जो वृषण (टेस्टिकुलर) कैंसर से पीड़ित थे, का भुवनेश्वर के एक अस्पताल में सफल ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद उनकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और वे जल्द सामान्य जीवन में लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।
इसी प्रकार भद्रक शहर के जगन्नाथपुर निवासी 62 वर्षीय ज्योत्स्नारानी मोहंती का गर्भाशय कैंसर का सफल ऑपरेशन किया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार बेहतर हो रही है और उन्हें शीघ्र अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है।
मरीजों ने सरकार के प्रति जताया आभार
दोनों मरीजों ने इस योजना के तहत निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी तथा स्वास्थ्य मंत्री डॉ मुकेश महालिंग के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि इस योजना ने महंगे इलाज को संभव बनाया और उन्हें नया जीवन प्रदान किया।
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