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एंबुलेंस नहीं पहुंची तो खाट पर गर्भवती को ले गए ग्रामीण

  •     तीन किलोमीटर तक कीचड़ भरे रास्ते से ले जाई गई नौ माह की गर्भवती

  •     हर बारिश में कट जाता है रायगड़ा के इस दुर्गम गांव का संपर्क

रायगड़ा। ओडिशा के रायगड़ा जिले के दुर्गम इलाकों में बारिश के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क संपर्क की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। गुडारी प्रखंड के सिरिगुड़ा पंचायत के सड़कणा गांव में नौ माह की गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में ग्रामीणों ने महिला को पारंपरिक खाट पर लिटाकर करीब तीन किलोमीटर तक कीचड़ और दलदल से भरे रास्ते से कंधे पर उठाकर ले जाने के बाद एंबुलेंस तक पहुंचाया।

सड़कणा गांव की रहने वाली सुमी कड़रका को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को फोन किया। लेकिन लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गांव तक पहुंचने वाली कच्ची सड़क पूरी तरह कीचड़ और पानी से भर गई थी। सड़क की खराब स्थिति के चलते एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी।

महिला की हालत बिगड़ती देख परिजनों और ग्रामीणों के सामने उसे अस्पताल तक पहुंचाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। ग्रामीणों ने सुमी कड़रका को एक पारंपरिक खाट पर लिटाया और उसे कंधों पर उठाकर तीन किलोमीटर से अधिक दूरी तक बेहद खराब और फिसलन भरे रास्ते से पैदल चलकर बदापंकल पहुंचाया। बदापंकल में एंबुलेंस मौजूद थी। वहां पहुंचने के बाद महिला को एंबुलेंस से स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

ग्रामीणों के अनुसार, हर साल बारिश के मौसम में सड़कणा गांव का संपर्क बाहरी दुनिया से लगभग पूरी तरह कट जाता है। गांव तक पहुंचने वाली सड़क कच्ची होने के कारण बारिश के दिनों में उस पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। इससे विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भारी परेशानी होती है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पक्की सड़क निर्माण के लिए पंचायत और प्रखंड प्रशासन से कई बार मांग और आवेदन किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव को हर मौसम में आवागमन योग्य सड़क से जोड़ने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान आपात स्थिति में मरीजों को इस तरह जोखिम उठाकर अस्पताल तक न ले जाना पड़े।

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