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कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
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कक्षा नौ और दस के छात्रों के लिए छह रोजगारपरक पाठ्यक्रम
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26 पीएम श्री विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करेगा ओएसईपीए–ओयूएटी
भुवनेश्वर। ओडिशा स्कूल शिक्षा कार्यक्रम प्राधिकरण (ओएसईपीए) और ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (ओयूएटी) के बीच हुए सहयोग से राज्य के 26 पीएम श्री सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। इस पहल के तहत कक्षा नौ और दस के विद्यार्थियों को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कक्षा आधारित अध्ययन के साथ-साथ खेत, प्रयोगशाला और वास्तविक कार्यस्थल का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा। इस उद्देश्य से शनिवार को भुवनेश्वर स्थित ओयूएटी सम्मेलन कक्ष में द्वैध माध्यम व्यावसायिक शिक्षा पहल के शुभारंभ के अवसर पर अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में 20 जिलों के विद्यालय प्रधानाध्यापक, कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के वैज्ञानिक एवं प्रभारी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति शिक्षा समन्वयक तथा एडीईओ (योजना) ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। कार्यक्रम में ओएसईपीए की राज्य परियोजना निदेशक संगीता बेहरा और ओयूएटी के विस्तार शिक्षा संकाय के डीन प्रो. सुशांत कुमार स्वैन उपस्थित रहे।
खेत और प्रयोगशालाओं में मिलेगा प्रशिक्षण
ओएसईपीए की राज्य परियोजना निदेशक संगीता बेहरा ने कहा कि ओडिशा व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। विद्यार्थियों को पारंपरिक कक्षा शिक्षा से आगे बढ़कर व्यावहारिक और अनुभव आधारित सीखने के अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। ओएसईपीए और ओयूएटी के बीच यह साझेदारी कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में विद्यार्थियों के कौशल विकास, व्यावहारिक अनुभव और करियर के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कृषि विज्ञान केंद्रों की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन
प्रो सुशांत कुमार स्वाईं ने पहल का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ओयूएटी और उसके अंतर्गत आने वाले कृषि विज्ञान केंद्रों की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयी शिक्षा को व्यावहारिक ज्ञान और वास्तविक कार्य वातावरण से जोड़ना विद्यार्थियों के सर्वांगीण कौशल विकास के लिए जरूरी है।
ओयूएटी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
ओएसईपीए ने चालू शैक्षणिक वर्ष से विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं अनुभव आधारित व्यावसायिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए ओयूएटी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। इसके तहत 26 सरकारी माध्यमिक विद्यालयों को ओयूएटी, भुवनेश्वर तथा संबंधित कृषि विज्ञान केंद्रों से जोड़ा गया है।
इस पहल के तहत विद्यार्थियों को ओयूएटी की प्रयोगशालाओं, कृषि फार्म, खाद्य प्रसंस्करण सुविधाओं और तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा। कृषि, पशुपालन, बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में विद्यार्थियों को वास्तविक कार्य परिस्थितियों को समझने तथा विद्यालय में अर्जित ज्ञान और कौशल को व्यावहारिक रूप से लागू करने का अवसर मिलेगा।
छह रोजगारपरक भूमिकाओं में प्रशिक्षण
कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को कृषि और संबद्ध क्षेत्रों से जुड़ी छह व्यावसायिक भूमिकाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें आम उत्पादक, सोलानेसियस फसल उत्पादक, धान किसान, पशु स्वास्थ्य कार्यकर्ता, डेयरी कार्यकर्ता और खट्टे फलों के उत्पादक शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों का चयन संबंधित जिलों की कृषि क्षमता, स्थानीय संसाधनों और रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को ध्यान में रखकर किया गया है।
उद्यमिता के संभावित अवसरों की जानकारी मिलेगी
इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा नौ और दस से ही कृषि आधारित रोजगार और उद्यमिता के संभावित अवसरों की जानकारी मिलेगी। कार्यक्रम का उद्देश्य कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान और खेत एवं कार्यस्थल पर होने वाले व्यावहारिक अनुभव के बीच की दूरी को कम करना है। साथ ही विद्यार्थियों में राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप दक्षताएं विकसित कर उनकी रोजगार क्षमता, उद्यमिता और भविष्य की करियर तैयारी को मजबूत करना है।
ओएसईपीए के व्यावसायिक शिक्षा उपनिदेशक तनमय कुमार बेहरा ने कार्यक्रम के उद्देश्यों, क्रियान्वयन की प्रक्रिया और अपेक्षित परिणामों की जानकारी दी। ओयूएटी की विस्तार शिक्षा संयुक्त निदेशक सरबानी दास ने प्रतिभागी अधिकारियों के प्रश्नों का समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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