-
भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत
-
24 समझौतों से 2.43 लाख करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त
-
करीब 8 लाख प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की उम्मीद
भुवनेश्वर। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के पांच दिवसीय आधिकारिक दौरे के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भुवनेश्वर लौट आए। शहर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
मुख्यमंत्री के यूएई दौरे का मुख्य उद्देश्य ओडिशा में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना और राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करना था। पांच दिवसीय दौरे में तीन दिन विशेष रूप से निवेशकों के साथ बैठक और संवाद के लिए निर्धारित किए गए थे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा कर ओडिशा की औद्योगिक क्षमता, उपलब्ध संसाधनों और निवेश की संभावनाओं से उन्हें अवगत कराया।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यूएई दौरे के दौरान कुल 24 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए हैं। इन समझौतों के माध्यम से राज्य में करीब 2.43 लाख करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों सहित कई क्षेत्रों में प्रस्तावित परियोजनाओं से लगभग 8 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।
सरकार का कहना है कि इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से ओडिशा के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री के दौरे को ओडिशा को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वाईं ने यूएई दौरे के दौरान हुए समझौतों को ओडिशा के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए विपक्ष की आलोचनाओं को निराधार करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल में जिस गति से विकास कार्य हुए हैं, वह पिछली सरकारों के लंबे कार्यकाल के बराबर है। उन्होंने कहा कि विदेशी निवेश के आने से ओडिशा के उद्योग और रोजगार क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री के लौटने के साथ ही अब सरकार की प्राथमिकता निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने और उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया को तेज करने पर होगी। यदि प्रस्तावित निवेश जमीन पर उतरते हैं, तो आने वाले वर्षों में ओडिशा में औद्योगिक विस्तार के साथ रोजगार के बड़े अवसर पैदा हो सकते हैं।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
