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राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी के दिए निर्देश
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कटावग्रस्त तटबंधों की तत्काल मरम्मत, प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत पहुंचाने का निर्देश
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स्वास्थ्य सुरक्षा और सड़क संपर्क बहाल करने पर विशेष जोर
भुवनेश्वर। बैतरणी, सालंदी और अखुआपड़ा नदियों के बढ़ते जलस्तर से तटीय ओडिशा के कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इस बीच उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने भद्रक और बालेश्वर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी प्रभावित परिवार सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए और राहत कार्य पूरी संवेदनशीलता एवं समन्वय के साथ संचालित किए जाएं।
सभी विभागों को दिए स्पष्ट निर्देश
भद्रक कलेक्टरेट के सम्मेलन कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ने जिले में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों का विस्तृत जायजा लिया। अधिकारियों ने उन्हें नदियों के जलस्तर, कटावग्रस्त तटबंधों, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों, राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था, सूखा भोजन एवं स्वच्छ पेयजल वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं, पशु चिकित्सा सुविधाओं, पशु चारे की उपलब्धता, मत्स्य बीज वितरण, फसल क्षति, सड़क संपर्क तथा विद्युत आपूर्ति बहाली की जानकारी दी।
सड़क संपर्क बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में प्रभाती परिडा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन गांवों का संपर्क बाढ़ के कारण टूट गया है, वहां सड़क संपर्क बहाल करने का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। जलमग्न गांवों में सूखा भोजन और स्वच्छ पेयजल का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रभावित परिवार को राहत सामग्री से वंचित न रखा जाए।
पशुधन की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश
उन्होंने पशुधन की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए पर्याप्त मात्रा में पशु चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए अतिरिक्त चिकित्सा दलों की तैनाती करने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता अभियान तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए लोगों को स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है।
उन्होंने जल संसाधन विभाग और ग्रामीण विकास विभाग को संवेदनशील तटबंधों की लगातार निगरानी करने तथा जहां कहीं भी क्षति हुई है वहां तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
समन्वित प्रयासों पर दिया जोर
प्रभाती परिडा ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से एक टीम के रूप में कार्य करते हुए राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने का आह्वान किया।
समीक्षा बैठक में भद्रक विधायक एवं जिला योजना बोर्ड के अध्यक्ष सीतांशु शेखर महापात्र, जिलाधिकारी सोमेश कुमार उपाध्याय, अतिरिक्त जिलाधिकारी रविनारायण साहू, मुख्य विकास अधिकारी-सह-कार्यकारी अधिकारी सुभेंद्र समाल, पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी सौरभ चक्रवर्ती तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
तिहिड़ी ब्लॉक के बाढ़ प्रभावित गांवों का किया दौरा
समीक्षा बैठक से पहले उपमुख्यमंत्री ने तिहिड़ी ब्लॉक के बरसर और गोविंदपुर गांवों का दौरा कर बाढ़ की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत सामग्री समय पर पहुंचे और प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
बालेश्वर के कुरुडिहा पंचायत में भी लिया हालात का जायजा
इसके बाद प्रभाती परिडा बालेश्वर सदर ब्लॉक की बाढ़ प्रभावित कुरुडिहा ग्राम पंचायत पहुंचीं। यहां उन्होंने स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी कठिनाइयों और आवश्यकताओं की जानकारी ली। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने आवश्यक राहत सामग्री के वितरण में तेजी लाने, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी रखने तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक बिना किसी देरी के सरकारी सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।
राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने का भरोसा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक बाढ़ की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्य करता रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़कों, तटबंधों और अन्य आधारभूत सुविधाओं की बहाली का कार्य भी तेजी से किया जाए ताकि जनजीवन जल्द से जल्द सामान्य हो सके।
बैतरणी, सालंदी और अखुआपड़ा नदियों का जलस्तर अभी भी कई क्षेत्रों में ऊंचा बना हुआ है और अनेक गांव बाढ़ के खतरे से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में उपमुख्यमंत्री द्वारा स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी करने तथा प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देने से प्रभावित लोगों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों के शीघ्र पूरा होने की उम्मीद जगी है।
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