-
आरटीआई से सामने आई जानकारी
-
64 बार हेलीकॉप्टर और 55 बार विमान का हुआ इस्तेमाल
-
पास के जिलों की हवाई यात्राओं पर भी उठे सवाल
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जुलाई 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच 15 महीनों में हेलीकॉप्टर और विमान से कुल 119 यात्राएं कीं। यह जानकारी सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश दास द्वारा प्राप्त की गई जानकारी के आधार पर सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अवधि में मुख्यमंत्री ने 64 यात्राओं के लिए हेलीकॉप्टर और 55 यात्राओं के लिए विमान का इस्तेमाल किया।
आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री की हवाई यात्राएं ओडिशा के विभिन्न जिलों के अलावा राज्य के बाहर के कई स्थानों तक भी हुईं। इनमें केंदुझर जिले का स्थान प्रमुख रहा, जो मुख्यमंत्री का गृह जिला भी है। इसके अलावा भुवनेश्वर से कटक, पुरी और जगतसिंहपुर जैसे अपेक्षाकृत नजदीकी स्थानों की यात्राओं के लिए भी हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल का उल्लेख सामने आया है।
विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
इन यात्राओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश दास ने प्रशासनिक आवश्यकता और सरकारी खर्च के औचित्य पर सवाल उठाते हुए सरकार से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल यात्राओं की संख्या सामने आना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता को यह भी पता चलना चाहिए कि इन 119 यात्राओं पर सरकारी खजाने से कुल कितनी राशि खर्च हुई।
विमान का इस्तेमाल कई परिस्थितियों में प्रशासनिक रूप से आवश्यक
हालांकि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए हेलीकॉप्टर या विमान का इस्तेमाल कई परिस्थितियों में प्रशासनिक रूप से आवश्यक हो सकता है। आधिकारिक कार्यक्रमों में समय की बचत, आपदा प्रबंधन, आकस्मिक प्रशासनिक परिस्थितियों, दूरदराज के क्षेत्रों में शीघ्र पहुंचने या एक ही दिन में कई कार्यक्रमों में शामिल होने जैसी परिस्थितियों में हवाई यात्रा व्यावहारिक विकल्प हो सकती है। इसलिए केवल यात्राओं की संख्या के आधार पर उन्हें अनावश्यक कहना उचित नहीं होगा। वास्तविक आकलन के लिए प्रत्येक यात्रा का उद्देश्य और उस पर हुआ खर्च सामने आना जरूरी है।
भुवनेश्वर से कटक तक हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल
प्रकाश दास ने सरकार से जुलाई 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच हुई सभी 119 हवाई यात्राओं का पूरा खर्च सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से भुवनेश्वर से कटक जैसे नजदीकी स्थानों के लिए हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल की प्रशासनिक आवश्यकता और उस पर होने वाले खर्च का विवरण देने की मांग की है।
दास ने मुख्यमंत्री से अपील की कि हेलीकॉप्टर और विमान का इस्तेमाल मुख्य रूप से आवश्यक एवं अत्यावश्यक सरकारी कार्यक्रमों के लिए किया जाए, ताकि राज्य के राजकोष पर अनावश्यक वित्तीय बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि सरकारी धन वास्तव में जनता का धन है और इसलिए जनता को यह जानने का अधिकार है कि उसका कितना और किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री की यात्राओं का विरोध करना नहीं है। मुख्यमंत्री का लोगों के बीच जाना, उनकी समस्याएं सुनना और शिकायतों के समाधान के लिए प्रयास करना स्वागतयोग्य है। लेकिन इसके साथ सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में वित्तीय संयम, पारदर्शिता और जवाबदेही भी समान रूप से जरूरी है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
