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बोले- ओडिशा के हितों से नहीं होगा समझौता
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महानदी के जल अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा : नवीन पटनायक
भुवनेश्वर। महानदी जल बंटवारे के लंबे समय से चले आ रहे विवाद को लेकर देश के प्रख्यात पर्यावरणविद् और ‘जलपुरुष’ के नाम से विख्यात डॉ राजेंद्र सिंह ने रविवार शाम बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक से नवीन निवास में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच महानदी नदी के जल बंटवारे तथा ओडिशा के जल अधिकारों की रक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान नवीन पटनायक ने स्पष्ट रूप से कहा कि महानदी जल बंटवारे के मामले में ओडिशा के हितों से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष पहले की तरह आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने दोहराया कि महानदी केवल एक नदी नहीं बल्कि ओडिशा की जीवनरेखा है, जिससे लाखों लोगों की आजीविका, कृषि और पेयजल व्यवस्था जुड़ी हुई है।
ओडिशा के वैध हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित करने की रणनीतियों पर चर्चा
बैठक में मुख्य रूप से महानदी नदी के जल में ओडिशा के वैध हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित करने की रणनीतियों पर चर्चा की गई। विशेष रूप से पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के साथ जारी अंतरराज्यीय जल विवाद के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित नेताओं ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि महानदी के ऊपरी हिस्से में जल संरचनाओं के निर्माण से ओडिशा के निचले क्षेत्रों में जल प्रवाह प्रभावित हो सकता है।
महानदी समिति के सदस्य रहे उपस्थित
बैठक में राज्य सरकार द्वारा गठित महानदी समिति के सदस्य और पूर्व मंत्री निरंजन पुजारी, पूर्व मंत्री देवी प्रसाद मिश्रा तथा महानदी बचाओ आंदोलन के संयोजक सुदर्शन दास भी उपस्थित थे।
राजेंद्र सिंह ने पर्यावरणीय और पारिस्थितिक पहलुओं पर अपने विचार रखे
डॉ राजेंद्र सिंह ने महानदी जल विवाद के पर्यावरणीय और पारिस्थितिक पहलुओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि नदियों को केवल जल स्रोत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें एक जीवंत पारिस्थितिक तंत्र के रूप में संरक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और सतत जल प्रबंधन की दिशा में समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
जल अधिकारों की रक्षा को लेकर मुखर रही बीजद
बीजू जनता दल लंबे समय से महानदी बेसिन में ओडिशा के जल अधिकारों की रक्षा को लेकर मुखर रही है। पार्टी का आरोप रहा है कि राज्य के हितों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार और वर्तमान राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए हैं। बीजद का कहना है कि महानदी के जल पर ओडिशा का वैध अधिकार सुनिश्चित करने के लिए सभी संवैधानिक और लोकतांत्रिक मंचों पर संघर्ष जारी रखा जाएगा।
बैठक को महानदी जल विवाद के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से यह मुलाकात भविष्य में नदी जल प्रबंधन, संरक्षण और ओडिशा के जल अधिकारों को लेकर नई रणनीति तय करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
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