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एडीबी समर्थित योजना की प्रगति की समीक्षा
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भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप आर्थिक क्षेत्र के लिए व्यापक क्षेत्रीय गतिशीलता योजना और राज्यव्यापी बस सेवा परिवर्तन रोडमैप पर हुई चर्चा
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य में टिकाऊ, एकीकृत और भविष्य उन्मुख परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आवास एवं शहरी विकास विभाग ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से तैयार की जा रही भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप आर्थिक क्षेत्र (बीसीपीपीईआर) के लिए व्यापक क्षेत्रीय गतिशीलता योजना तथा राज्यव्यापी बस सेवा परिवर्तन रोडमैप की प्रगति की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक की अध्यक्षता आवास एवं शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाढ़ी ने की। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, एडीबी के प्रतिनिधियों, सिस्ट्रा तथा दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड (डिम्ट्स) के विशेषज्ञों और विभिन्न संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में बताया गया कि दिसंबर 2025 में एक मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि के साथ हस्ताक्षरित एडीबी तकनीकी सहायता कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर एक समन्वित परिवहन ढांचा विकसित करना है। इसके तहत सार्वजनिक परिवहन, भूमि उपयोग नियोजन, परिवहन केंद्रित विकास, माल परिवहन, डिजिटल गतिशीलता समाधान और संस्थागत सुधारों को एकीकृत किया जाएगा।
विशेषज्ञों ने बीसीपीपीईआर क्षेत्र के लिए तैयार की जा रही व्यापक क्षेत्रीय गतिशीलता योजना का खाका प्रस्तुत किया। लगभग 11,900 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले इस आर्थिक क्षेत्र में 92 लाख से अधिक आबादी और 41 लाख से अधिक कार्यबल निवास करता है। यह क्षेत्र ओडिशा के प्रमुख आर्थिक विकास गलियारे के रूप में उभर रहा है, जिसके लिए एक समन्वित परिवहन रणनीति की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
प्रस्तावित योजना अगले 20 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार
प्रस्तावित योजना अगले 20 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी। इसमें बहु-माध्यम परिवहन प्रणाली, सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क, पैदल और साइकिल आधारित परिवहन अवसंरचना, माल एवं लॉजिस्टिक प्रबंधन, पार्किंग नीति, परिवहन केंद्रित विकास तथा जलवायु अनुकूल परिवहन समाधान शामिल होंगे। इसके लिए विस्तृत सर्वेक्षण, भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित मानचित्रण, यात्रा मांग विश्लेषण और सामाजिक-आर्थिक अध्ययन भी किए जाएंगे।
बैठक में राजधानी क्षेत्र शहरी परिवहन (क्रूट) और ओडिशा राज्य सड़क परिवहन निगम (ओएसआरटीसी) के लिए तैयार किए जा रहे राज्यव्यापी बस सेवा परिवर्तन रोडमैप की भी समीक्षा की गई। इस रोडमैप के माध्यम से बस मार्गों का पुनर्गठन, समय-सारिणी का अनुकूलन, बस बेड़े का विस्तार, विद्युत चालित बसों को बढ़ावा, डिजिटल प्रणालियों का उपयोग तथा वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
यात्रियों के लिए बेहतर सेवाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा
योजना के तहत राजधानी क्षेत्र में क्रूट की शहरी बस सेवाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ ओएसआरटीसी के लिए क्षेत्रीय और अंतर-शहरी संपर्क को बेहतर बनाने हेतु दीर्घकालिक संचालन एवं वित्तीय रणनीति तैयार की जाएगी। इसके अलावा बुद्धिमान परिवहन प्रणाली, आंकड़ा आधारित निर्णय प्रक्रिया और यात्रियों के लिए बेहतर सेवाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
एकीकृत परिवहन प्राधिकरण के गठन के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श
बैठक में परिवहन केंद्रित विकास, भूमि मूल्य संवर्धन, शहरी पुनर्विकास तथा टिकाऊ वित्तीय तंत्र से जुड़े नीतिगत ढांचे पर भी चर्चा हुई। साथ ही बीसीपीपीईआर क्षेत्र में एकीकृत परिवहन नियोजन और विभिन्न परिवहन साधनों के समन्वय के लिए एकीकृत परिवहन प्राधिकरण के गठन के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया गया।
एडीबी के प्रतिनिधियों ने बीसीपीपीईआर क्षेत्र के लिए प्रस्तावित ‘सिटी इकोनॉमिक रीजन’ पहल की जानकारी दी। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्रीय परिवहन, शहरी विकास, माल परिवहन, प्रशासनिक सुधार और डिजिटल अवसंरचना को एक साझा विकास ढांचे के अंतर्गत लाना है। बैठक में भविष्य की परियोजनाओं और निवेश अवसरों की पहचान पर भी चर्चा की गई।
एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना समय की आवश्यकता
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उषा पाढ़ी ने कहा कि क्षेत्रीय परिवहन और शहरी विकास के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, समयबद्ध आंकड़ा साझाकरण, साक्ष्य आधारित नियोजन और सभी हितधारकों की भागीदारी पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप गलियारा कुशल परिवहन व्यवस्था, टिकाऊ शहरीकरण और बेहतर संपर्क व्यवस्था के बल पर देश के आदर्श आर्थिक क्षेत्रों में शामिल हो सकता है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को योजना निर्माण प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग देने तथा एडीबी समर्थित कार्यक्रम की गतिविधियों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
अगले चरण की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया
बैठक के अंत में अगले चरण की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया, जिसके तहत मुख्य नियोजन गतिविधियों की शुरुआत, नीतिगत परामर्श, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और समय-समय पर प्रगति की समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी, ताकि ओडिशा के दीर्घकालिक शहरी विकास दृष्टिकोण के अनुरूप इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाया जा सके।
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