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बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार का ऐतिहासिक घोषण
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रेत, सीमेंट, डामर सहित विभिन्न निर्माण सामग्रियों के मूल्य निर्धारण पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य में सड़क, पुल, भवन तथा अन्य सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं के कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए निर्माण सामग्रियों के मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्णय लिया है। इसी उद्देश्य से शनिवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न निर्माण सामग्रियों की दरों को अंतिम रूप देने पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव संजय कुमार सिंह ने की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली सामग्रियों की सटीक, अद्यतन और पारदर्शी दरें उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि ठेकेदारों और कार्यान्वयन एजेंसियों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
बैठक में केंद्र सरकार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, ओडिशा श्रम आयोग तथा सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा जारी नवीनतम मूल्य अधिसूचनाओं को अपनाने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने पर चर्चा की गई। इससे परियोजनाओं की लागत का यथार्थ आकलन संभव हो सकेगा और निविदा प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब को रोका जा सकेगा।
समीक्षा के दौरान रेत, गिट्टी, सीमेंट, ईंट जैसी सामान्य निर्माण सामग्रियों के अलावा डामर, विद्युत उपकरण, फर्नीचर तथा आधुनिक निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली अन्य आवश्यक सामग्रियों की दरों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
संजय कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं के कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि समय पर दरें निर्धारित होने से निर्माण कार्यों की गति बनी रहेगी, सार्वजनिक धन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा और परियोजनाओं की गुणवत्ता भी बरकरार रहेगी।
लोक सेवा भवन स्थित सम्मेलन कक्ष में आयोजित इस बैठक में अभियंता प्रमुख एल.के. पाढ़ी, अभियंता प्रमुख (सिविल) सत्यब्रत बेहरा, अभियंता प्रमुख (डिजाइन, योजना एवं समन्वय) समीर होता, सड़क अभियंता प्रमुख ध्यान चंद नायक, मुख्य अभियंता प्रियब्रत सामंतराय, शिवब्रत तरिया, अरविंद त्रिपाठी तथा वित्तीय सलाहकार रतिकांत महापात्र सहित जल संसाधन, आवास एवं शहरी विकास तथा ग्रामीण विकास विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सरकार का मानना है कि निर्माण सामग्रियों की पारदर्शी और समयबद्ध मूल्य निर्धारण व्यवस्था से राज्य में अवसंरचना विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी तथा सड़क, पुल और भवन निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जा सकेंगे।
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