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पाठ्यपुस्तकों में हुईं गलतियों के खिलाफ जताया गुस्सा
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मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग
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कार्यवाही स्थगित होने के बाद विधायकों ने धरनास्थल पहुंचकर सरकार पर साधा निशाना
भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन मंगलवार को नई स्कूली पाठ्यपुस्तकों में सामने आई कथित गंभीर त्रुटियों को लेकर बीजू जनता दल (बीजद) ने विधानसभा के अंदर और बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बीजद विधायकों ने स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग करते हुए सदन में नारेबाजी की। हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 1:10 बजे तक और दोबारा शुरू होने के महज एक मिनट बाद शाम 4 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद बीजद विधायक विधानसभा परिसर से निकलकर लोअर पीएमजी पहुंचे और वहां बीजू युवा जनता दल तथा बीजू छात्र जनता दल की ओर से चल रहे दिन-रात के धरने में शामिल हुए।
सदन में बीजद का हंगामा
शोक प्रस्ताव के बाद जैसे ही सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी, बीजद विधायक हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर विधानसभा के वेल में पहुंच गए। विधायकों ने पाठ्यपुस्तकों में सामने आई गलतियों को लेकर स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के खिलाफ नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बीजद विधायकों ने पाठ्यपुस्तकों में कथित तौर पर ‘निंबुड़ा निंबुड़ा’, ओडिशा विधानसभा के स्थान पर कर्नाटक विधानसभा की तस्वीर और ‘सुखुआ पोड़ा’ जैसे संदर्भों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। विरोध के दौरान कुछ विधायक स्पीकर के आसन के सामने रिपोर्टर टेबल तक भी पहुंच गए, जिसके बाद सदन में स्थिति काफी हंगामेदार हो गई।
विधानसभा से सीधे लोअर पीएमजी पहुंचा बीजद
सदन स्थगित होने के बाद बीजद के विधायक विधानसभा परिसर से निकलकर लोअर पीएमजी स्थित प्रदर्शन स्थल पहुंचे। वहां बीजू युवा जनता दल और बीजू छात्र जनता दल की ओर से पाठ्यपुस्तक विवाद को लेकर चल रहे दिन-रात के धरने में विधायकों ने हिस्सा लिया।
बीजद के वरिष्ठ नेता डॉ अरुण कुमार साहू ने धरनास्थल से राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए पाठ्यपुस्तकों में हुई गलतियों को बच्चों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग दोहराई।
मंत्री के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन – बीजद
धरने में शामिल बीजद विधायकों शारदा प्रसाद जेना, ध्रुव चरण साहू, ब्योमकेश राय, मनोहर रंधारी, वर्षा सिंह बारिहा और मनोरमा मोहंती ने भी सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
बीजद नेताओं ने कहा कि पाठ्यपुस्तकों में इतनी गंभीर गलतियां सामने आने के बाद इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए। पार्टी ने स्पष्ट किया कि मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर उसका आंदोलन जारी रहेगा।
युवा और छात्र संगठनों का अनिश्चितकालीन धरना
बीजू युवा जनता दल के अध्यक्ष चिन्मय साहू और बीजू छात्र जनता दल की अध्यक्ष इस्पिता साहू ने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से युवा और छात्र संगठन के कार्यकर्ता लोअर पीएमजी पहुंचे हैं।
दोनों संगठनों की ओर से पाठ्यपुस्तक विवाद को लेकर दिन-रात का धरना शुरू किया गया है। संगठन के नेताओं ने आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही है।
भाजपा ने कहा- चर्चा के लिए सरकार तैयार
विपक्ष के विरोध के बीच भाजपा विधायक इरासिस आचार्य ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि एमएमडीआर संशोधन अधिनियम पर कांग्रेस की ओर से चर्चा के लिए दिए गए नोटिस को स्वीकार किया जा चुका है और सरकार सदन के भीतर इस विषय पर चर्चा चाहती है।
पाठ्यपुस्तकों की गलतियों के मुद्दे पर आचार्य ने कहा कि त्रुटियां सामने आने के बाद उनमें सुधार की प्रक्रिया शुरू की गई है और 50 हजार संशोधित पाठ्यपुस्तकें छापकर विद्यार्थियों को वितरित की जा चुकी हैं। उन्होंने विपक्ष से सदन के भीतर चर्चा में भाग लेने की अपील की।
नौ दिन के सत्र में टकराव के और बढ़ने के आसार
ओडिशा विधानसभा का मानसून सत्र 3 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें नौ कार्यदिवस निर्धारित हैं। सत्र शुरू होने से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने सभी दलों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने और जनहित के मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा करने की अपील की थी। सरकार ने भी एमएमडीआर संशोधन अधिनियम सहित राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही थी।
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