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गंजाम में किसानों का दर्द सुन नवीन पटनायक के छलके आंसू

  •     शेरगढ़ बाजार चौक पर किसानों की बर्बाद फसल देखकर हुए भावुक

  •     शेरगढ़, हिंजिली, आस्का और सोरड़ा में बाढ़ प्रभावितों से मिले नेता प्रतिपक्ष

  •     तत्काल मुआवजा और राहत देने की मांग

ब्रह्मपुर। अति भीषण चक्रवात अर्णव के कारण गंजाम में बाढ़ की तबाही और किसानों की बर्बादी की तस्वीरों ने शनिवार को ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक को भावुक कर दिया। शेरगढ़ बाजार चौक पर जब किसानों ने उन्हें नष्ट हुई धान की बालियां और गन्ने के पौधे दिखाते हुए अपनी पीड़ा सुनाई, तो वे अपने आंसू नहीं रोक सके। किसानों की आपबीती सुनकर उनकी आंखें भर आईं। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भी भावुक कर देने वाला था। बाढ़ से उजड़ी फसलें, क्षतिग्रस्त मकान और प्रभावित परिवारों की परेशानियां इस दौरे के केंद्र में रहीं।

बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने शनिवार को गंजाम जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने शेरगढ़, हिंजिली, आस्का और सोरड़ा में प्रभावित लोगों से मुलाकात कर नुकसान और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंचे और बाढ़ से हुई तबाही के साथ-साथ राहत एवं सहायता कार्यों को लेकर अपनी शिकायतें रखीं।

दौरे के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रबंधन में सरकारी उदासीनता के कारण उनकी धान और गन्ने की फसलें बर्बाद हो गईं तथा उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। जिन परिवारों के मकान बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए हैं और जिन लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है, उन्होंने भी नवीन पटनायक के सामने अपनी समस्याएं रखीं।

शेरगढ़ और आस्का शहर के निवासियों ने बताया कि बाढ़ का पानी उनके घरों में घुस गया था, जिससे घरेलू सामान और अन्य संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचा। कई लोगों ने भावुक होकर अपनी आपबीती सुनाई। कुछ लोगों ने कहा कि नवीन पटनायक के 24 वर्षों के शासनकाल में उन्होंने ऐसी परेशानी का सामना नहीं किया था। उन्होंने मौजूदा बाढ़ प्रबंधन और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने की व्यवस्था पर भी असंतोष जताया।

लोगों की समस्याएं सुनने के बाद नवीन पटनायक ने कहा कि बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और प्रभावित परिवार अब भी कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से संकट की इस घड़ी में सक्रियता दिखाने और पीड़ितों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने मौके पर मौजूद जिला प्रशासन के अधिकारियों से नुकसान का आकलन करने तथा प्रभावित लोगों को मुआवजा और सहायता राशि देने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। साथ ही राहत कार्यों में संवेदनशीलता और प्राथमिकता बरतने पर जोर दिया।

दौरे के दौरान आस्का और शेरगढ़ में स्थानीय व्यवसायी संघों ने भी नेता प्रतिपक्ष को ज्ञापन सौंपे। व्यवसायियों ने बाढ़ के कारण व्यापारिक प्रतिष्ठानों और कारोबार को हुए नुकसान का विवरण देते हुए प्रभावित व्यापारियों के लिए सहायता की मांग की। इस दौरे के जरिए किसानों, आम परिवारों और कारोबारियों की समस्याएं सामने आईं। अब प्रभावित लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई, नुकसान के आकलन और मुआवजे की प्रक्रिया पर टिकी हैं।

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