भुवनेश्वर। ओडिशा सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने शुक्रवार को बालेश्वर जिले के बालियापाल की सब-रजिस्ट्रार मनीषा मिश्रा को सात हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। ओडिशा राजस्व सेवा (ओआरएस) की अधिकारी मिश्रा पर एक जमीन की बिक्री विलेख (सेल डीड) के पंजीकरण की अनुमति देने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
विजिलेंस विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, संबंधित जमीन का रकबा 0.14 एकड़ है और राजस्व अभिलेखों में इसे ‘बज्याप्ति स्थितिबान’ (Bajyapti Stithiban) के रूप में दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए जमीन की रजिस्ट्री करने का अनुरोध किया था। विभागीय प्रावधानों के अनुसार, इस श्रेणी की जमीन को स्थितिबान भूमि मानकर उसका पंजीकरण किया जा सकता है।
आरोप है कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद सब-रजिस्ट्रार ने इस पर ध्यान नहीं दिया और रजिस्ट्री की अनुमति देने के लिए शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने अपनी आर्थिक असमर्थता जताई तो उन्होंने रिश्वत की रकम घटाकर सात हजार रुपये कर दी।
रिश्वत की मांग और कथित उत्पीड़न से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस विभाग से संपर्क किया। इसके बाद विभाग की एक टीम ने जाल बिछाया और शुक्रवार को सात हजार रुपये रिश्वत लेते हुए मनीषा मिश्रा को पकड़ लिया। उनके कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर जब्त कर ली गई है।
ट्रैप की कार्रवाई के बाद आरोपी अधिकारी से जुड़े दो ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति (डीए) के संदेह में एक साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
इस मामले में बालेश्वर विजिलेंस थाना में केस संख्या 26/2026 दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि मनीषा मिश्रा ने वर्ष 2024 में सरकारी सेवा में योगदान दिया था। वह परिवीक्षाधीन अधिकारी के रूप में बालियापाल में सब-रजिस्ट्रार के पद पर तैनात थीं
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