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एम्स को 187 शोध परियोजनाओं के लिए मिले 32.2 करोड़ के अनुदान

  •     कैंसर निदान सेवाओं का होगा विस्तार

भुवनेश्वर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भुवनेश्वर को वित्त वर्ष 2025-26 में 187 शोध परियोजनाओं के लिए 32.2 करोड़ रुपये का बाहरी अनुसंधान अनुदान प्राप्त हुआ है। संस्थान ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में भी 29 परियोजनाओं के माध्यम से 10 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान हासिल किया है। वर्तमान में संस्थान को 24 अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय वित्त पोषण एजेंसियों का सहयोग मिल रहा है।

ये उपलब्धियां गुरुवार को आयोजित एम्स भुवनेश्वर के चौथे वार्षिक अनुसंधान दिवस समारोह में सामने आईं। इस वर्ष का विषय ‘इनोवेट, ट्रांसलेट, हील : एडवांसिंग बायोमेडिकल फ्रंटियर्स’ था। संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ. अशुतोष बिस्वास ने कहा कि एम्स कैंसर, संक्रामक रोग, सार्वजनिक स्वास्थ्य, माइक्रोबायोम और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनुसंधान को उन्नत निदान एवं मरीजों के बेहतर उपचार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रहा है।

उन्होंने बताया कि संस्थान में संक्रामक रोग अनुसंधान एवं निदान प्रयोगशाला (आईआरडीएल), उन्नत माइकोलॉजी निदान एवं अनुसंधान प्रयोगशाला, उन्नत आणविक ऑन्कोलॉजी निदान सेवा और ब्रेन बैंक जैसी विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं। इनका उद्देश्य ओडिशा और पड़ोसी राज्यों के मरीजों को उन्नत जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें विशेष चिकित्सा सेवाओं के लिए दूसरे शहरों की यात्रा न करनी पड़े।

समारोह में आईआईटी भुवनेश्वर के निदेशक प्रो श्रीपद कर्मलकर मुख्य अतिथि थे। एम्स कल्याणी के कार्यकारी निदेशक डॉ अरविंद सिन्हा और विकास मंथन के अध्यक्ष एवं एएचपीआई के सलाहकार चारुदत्त पाणिग्रही विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

प्रो कर्मलकर ने आईआईटी और एम्स के बीच सहयोग बढ़ाने तथा अंतरविषयी एवं बहुविषयी अनुसंधान को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। डॉ सिन्हा ने भारत की विशिष्ट जनसंख्या संरचना और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को देखते हुए देश में ही स्वास्थ्य अनुसंधान से जुड़े आंकड़े विकसित करने की आवश्यकता बताई। वहीं, पाणिग्रही ने राष्ट्र निर्माण में चिकित्सा अनुसंधान की महत्वपूर्ण भूमिका रेखांकित की।

कार्यक्रम में 140 प्रतिभागियों ने शोध पोस्टर प्रस्तुत किए। इसके अलावा चिकित्सा अनुसंधान की चुनौतियों, नवाचार और संभावनाओं पर परिचर्चा आयोजित की गई। इस अवसर पर वार्षिक अनुसंधान रिपोर्ट 2025-26 का विमोचन तथा ‘एम्स भुवनेश्वर रिसर्च टॉक्स’ का डिजिटल शुभारंभ किया गया। उत्कृष्ट शोध एवं प्रकाशन, सर्वश्रेष्ठ पोस्टर और वैश्विक अनुसंधान उपलब्धियों के लिए शोधकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया।

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