-
उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने 910 श्रद्धालुओं को दिखाई हरी झंडी
-
मालकानगिरि, कोरापुट और नबरंगपुर के बुजुर्ग पहुंचेगे पुरी
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार की ‘श्री जगन्नाथ दर्शन योजना’ के तहत वर्ष 2026-27 की पहली तीर्थयात्रा रविवार को शुरू हुई। उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री प्रभाती परिडा ने वर्चुअल माध्यम से यात्रा को रवाना किया। इस पहली यात्रा में मालकानगिरि, कोरापुट और नवरंगपुर के 910 वरिष्ठ नागरिक पुरी के लिए रवाना हुए।
पर्यटन विभाग और ओडिशा राज्य सड़क परिवहन निगम (ओएसआरटीसी) के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को भगवान जगन्नाथ के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना है।
पहले जत्थे में मालकानगिरि से 490, कोरापुट से 210 और नवरंगपुर से 210 श्रद्धालु शामिल हैं। सरकार के अनुसार, 20 सितंबर से 26 अक्टूबर 2026 के बीच 13 जिलों के 10,434 श्रद्धालुओं को श्रीक्षेत्र पुरी ले जाने की योजना है। इस वर्ष करीब 30 हजार पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ देने की तैयारी है, जबकि सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य एक लाख वरिष्ठ नागरिकों को महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन कराने का है।
पंचायत स्तर से पुरी तक पूरी व्यवस्था
उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने कहा कि प्रत्येक ओडिया व्यक्ति की महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन की इच्छा को पूरा करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में योजना के माध्यम से ऐसे बुजुर्गों के लिए सम्मानजनक और सुरक्षित यात्रा की व्यवस्था की जा रही है, जिनके लिए उम्र, दूरी अथवा आर्थिक स्थिति के कारण पुरी की यात्रा करना मुश्किल रहा है।
यात्रियों को उनके संबंधित ग्राम पंचायतों से बसों के माध्यम से जिला मुख्यालय तक लाया जाता है और वहां से विशेष बसों से पुरी ले जाया जाता है। यात्रा के दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, प्रतिदिन चार बार शाकाहारी भोजन, किट बैग और पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाते हैं। श्रद्धालुओं के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा श्रीमंदिर में दर्शन की भी व्यवस्था की गई है।
प्रत्येक बस में यात्रियों की सुविधा और स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए तीन एस्कॉर्ट अधिकारी और एक पैरामेडिकल कर्मचारी तैनात किया गया है। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए लंबी दूरी की यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक रहे।
छह सप्ताह में हजारों श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की तैयारी
‘श्री जगन्नाथ दर्शन योजना’ की शुरुआत 2026 में आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों और विधवाओं को पुरी की तीर्थयात्रा का अवसर देने के उद्देश्य से की गई थी। योजना के तहत उम्र, दूरी और आर्थिक कठिनाई को महाप्रभु के दर्शन के रास्ते में बाधा न बनने देने पर जोर दिया जा रहा है।
भुवनेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में पर्यटन आयुक्त-सह-सचिव बलवंत सिंह, पर्यटन निदेशक दीपंकर महापात्र, अतिरिक्त सचिव रुद्र प्रसन्न साहू और ओएसआरटीसी के महाप्रबंधक देबब्रत मल्लिक मौजूद रहे। मालकानगिरि विधायक नरसिंह मदकामी, चित्रकोंडा विधायक मंगू खिल और कोरापुट विधायक रघुराम सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर, ओएसआरटीसी एवं पर्यटन विभाग के अधिकारी और श्रद्धालु वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े।
मालकानगिरि, कोरापुट और नवरंगपुर जैसे दक्षिणी जिलों से पुरी की दूरी काफी अधिक है। ऐसे में पहली यात्रा केवल श्रद्धालुओं का सफर नहीं, बल्कि सरकारी योजना के जमीनी क्रियान्वयन की भी शुरुआत है। आने वाले छह सप्ताह में हजारों वरिष्ठ नागरिक इसी व्यवस्था के तहत श्रीक्षेत्र पहुंचेंगे और महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन करेंगे।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal

