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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
भुवनेश्वर। ओडिशा में स्कूली पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों को लेकर विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी के युवा और छात्र संगठनों ने स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग को लेकर आगामी मानसून सत्र के दौरान ओडिशा विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है।
बीजू युवा जनता दल (बीवाईजेडी) और बीजू छात्र जनता दल (बीसीजेडी) ने कहा है कि यदि मानसून सत्र शुरू होने से पहले स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो दोनों संगठन 22 और 23 सितंबर को विधानसभा का घेराव करेंगे। बीजद के अनुसार, कार्यकर्ता 22 सितंबर से विधानसभा के सामने अनिश्चितकालीन धरना भी देंगे।
बीवाईजेडी अध्यक्ष चिन्मय साहू ने रविवार को भुवनेश्वर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित पाठ्यपुस्तकों में गंभीर त्रुटियां हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन त्रुटियों के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक संबंधित पुस्तकों को वापस नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की परीक्षाएं कुछ ही दिनों में होने वाली हैं और ऐसे में त्रुटिपूर्ण पाठ्यपुस्तकों से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के सामने परेशानी की स्थिति पैदा हो सकती है।
साहू ने पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि नई पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन का टेंडर सत्तारूढ़ दल से जुड़े एक प्रभावशाली नेता को दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि धनराशि जारी करने की प्रक्रिया को सुचारु रखने के लिए सरकार ने पाठ्यपुस्तकों में मौजूद त्रुटियों की अनदेखी की। साहू ने पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन में 380 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाते हुए इसमें स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री की कथित संलिप्तता का भी दावा किया।
बीवाईजेडी अध्यक्ष ने सरकार से त्रुटिपूर्ण पाठ्यपुस्तकों को तत्काल वापस लेने, प्रकाशन से जुड़ी कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री को पद से हटाने की मांग की।
साहू ने मुख्यमंत्री के उस कथित बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें पाठ्यपुस्तकों की त्रुटियों के संबंध में सरकार की छवि खराब करने की साजिश की बात कही गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ निचले स्तर के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, लेकिन कथित रूप से जिम्मेदार बड़े लोगों के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं, बीसीजेडी अध्यक्ष इप्सिता साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में ओडिशा की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत तैयार की गई पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों के बावजूद सरकार अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने को तैयार नहीं है।
बीजद के युवा और छात्र संगठनों ने कहा है कि पाठ्यपुस्तक संबंधी समस्या के समाधान और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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