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23 सितंबर तक गहरे दबाव में बदलकर दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र तट के करीब पहुंचने का अनुमान
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मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह
भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र लगातार पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर अंडमान सागर और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना यह तंत्र 21 सितंबर को दबाव के क्षेत्र और 22 सितंबर को गहरे दबाव के क्षेत्र (डीप डिप्रेशन) में बदल सकता है। इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 23 सितंबर की सुबह दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचने की संभावना है।
23 सितंबर को 75 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा
आईएमडी के अनुसार, 20 सितंबर को अंडमान सागर और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे, जबकि झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। 21 सितंबर को पूर्व-मध्य और उससे सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में हवा की गति 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तथा झोंकों के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
22 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं 23 सितंबर को पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में हवा की गति 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तथा झोंकों के साथ 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। यह स्थिति 24 सितंबर की शाम तक बनी रह सकती है।
ओडिशा और आंध्र तट पर भी तेज हवाओं का असर
दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों के आसपास 23 सितंबर को 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। झोंकों के साथ हवा की गति इससे अधिक हो सकती है। यह स्थिति 24 सितंबर की शाम तक जारी रहने की संभावना है।
वहीं 23 और 24 सितंबर को पश्चिम बंगाल तथा दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के आसपास 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। झोंकों के साथ इनकी गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
समुद्र में उठेंगी ऊंची लहरें
निम्न दबाव के क्षेत्र के मजबूत होने के साथ समुद्र की स्थिति भी खराब होने का अनुमान है। 20 सितंबर को अंडमान सागर और उससे लगे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में समुद्र अशांत रहेगा। 21 सितंबर को पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में समुद्र अशांत से बहुत अशांत हो सकता है।
22 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी तथा 23 सितंबर से पश्चिम-मध्य और उससे लगे उत्तर-पश्चिमी हिस्से में समुद्र की स्थिति अशांत से बहुत अशांत रहने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के आसपास भी 24 सितंबर तक समुद्र की स्थिति खराब रहने का अनुमान है।
मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह
आईएमडी ने मौसम की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मछुआरों को प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। अंडमान सागर में 21 सितंबर तक, पूर्व-मध्य और उससे लगे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 20 से 22 सितंबर तक तथा पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के साथ आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के आसपास 22 से 24 सितंबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
समुद्र में पहले से मौजूद मछुआरों को जल्द तट पर लौटने और मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
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