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डिजिटल लैंड बैंक से आसान होगा निवेश
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ओड़िया व्यंजनों को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी, पर्यटन परियोजनाओं के लिए जमीन से लेकर लाइसेंस तक की प्रक्रिया होगी समयबद्ध
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार राज्य में पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई देने के लिए बुनियादी ढांचे के विस्तार, डिजिटल लैंड बैंक और पारंपरिक ओड़िया व्यंजनों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही है। इसी दिशा में राज्य पर्यटन संवर्धन परिषद (एसटीपीसी) की दूसरी बैठक मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों के विकास, आगामी परियोजनाओं के लिए सरकारी जमीन की उपलब्धता और पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को आसान बनाने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जमीन की उपलब्धता होगी आसान
बैठक में एसटीपीसी की पहली बैठक में लिये गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं के लिए सरकारी जमीन के आवंटन और राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास की स्थिति की जानकारी ली।
बैठक का प्रमुख केंद्र ‘पर्यटन लैंड बैंक योजना’ रहा। इसके तहत पर्यटकों के लिए आवासीय और अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास के लिए उपयुक्त सरकारी जमीन की पहचान और उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सरकार का उद्देश्य ऐसी जमीन को पहले से चिन्हित करना है, ताकि पर्यटन परियोजनाओं में निवेश करने वाले लोगों और संस्थानों को जमीन की तलाश में लंबी प्रक्रिया से न गुजरना पड़े।
जमीन की पहचान, वहां उपलब्ध सुविधाओं का आकलन और आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जीआईएस आधारित मानचित्रण और डिजिटल निगरानी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया। इससे संभावित पर्यटन परियोजनाओं के लिए जमीन की स्थिति, स्थान, उपयोगिता और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
देश के नए शहरों में खुलेंगे प्रामाणिक ओड़िया व्यंजन रेस्तरां
पर्यटन को केवल प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों तक सीमित न रखते हुए ओडिशा की समृद्ध खान-पान परंपरा को भी पर्यटन का हिस्सा बनाने की योजना है। बैठक में राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों और देश के नए शहरों में प्रामाणिक ओड़िया भोजन परोसने वाले रेस्तरां स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
सरकार का मानना है कि ओड़िया व्यंजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बाहरी शहरों और प्रमुख पर्यटन केंद्रों में ओड़िया भोजन उपलब्ध होने से पर्यटकों को राज्य की संस्कृति और पारंपरिक खान-पान से परिचित कराने में मदद मिलेगी। इससे ओड़िया व्यंजनों को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने और पर्यटन के साथ स्थानीय खाद्य परंपराओं को जोड़ने का अवसर भी मिलेगा।
पुराने पर्यटन निवेशकों के लिए एकमुश्त समाधान योजना पर विचार
बैठक में पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों के सामने आने वाली प्रशासनिक समस्याओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने उन पर्यटन इकाइयों के लिए एकमुश्त समाधान योजना के प्रस्ताव की समीक्षा की, जिन्हें पुरानी नीतियों के तहत मंजूरी मिली थी, लेकिन विभिन्न कारणों से वे सरकारी प्रोत्साहनों का लाभ नहीं उठा सकीं।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियागत देरी कम करने और अनावश्यक अड़चनों को दूर करने पर जोर दिया। उन्होंने जमीन से जुड़े मामलों, लाइसेंस और अन्य स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने की आवश्यकता बताई।
सरकार का लक्ष्य पर्यटन आधारित निवेश के लिए ऐसा माहौल तैयार करना है, जिसमें निवेशकों को विभिन्न विभागों की प्रक्रियाओं के कारण अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। इसके लिए भूमि उपलब्धता से लेकर आवश्यक अनुमतियों और परियोजनाओं की स्वीकृति तक पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
बुनियादी ढांचे और पर्यटन स्थलों के विकास पर जोर
एसटीपीसी ने राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि पर्यटन स्थलों पर बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ-साथ निजी निवेश के लिए भी स्पष्ट अवसर तैयार किए जाएं।
परिषद की बैठक में उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा, वाणिज्य एवं परिवहन विभाग के प्रधान सचिव एनबीएस राजपूत और पर्यटन विभाग के आयुक्त-सह-सचिव बलवंत सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सरकार की इस पहल का व्यापक उद्देश्य ओडिशा को देश और विदेश के पर्यटकों के लिए अधिक आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना, पर्यटन से जुड़े निवेश को गति देना और स्थानीय संस्कृति, खान-पान तथा रोजगार के अवसरों को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।
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