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ओडिशा में माध्यमिक शिक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी
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ओड़िया में विज्ञान-वाणिज्य की पढ़ाई और मुफ्त डिजिटल सामग्री पर जोर
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रही है। इसके तहत कक्षा 10 और 12 को एक ही संयुक्त शिक्षा बोर्ड के दायरे में लाने, कक्षा 10 के पाठ्यक्रम में संशोधन करने और विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा तथा रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक सरल, आधुनिक और रोजगारोन्मुख बनाना है।
शिक्षा व्यवस्था में बड़े प्रशासनिक बदलाव के तहत माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा के लिए एक ही संयुक्त बोर्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही है। नए बोर्ड का मुख्यालय कहां होगा, इस संबंध में अंतिम निर्णय जल्द होने की संभावना है। दोनों स्तरों को एकीकृत करने से शिक्षा प्रशासन, परीक्षा व्यवस्था और पाठ्यक्रम प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित करने का लक्ष्य है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 10 करोड़
प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी कोचिंग पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से सरकार ने उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद को 10 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। इस राशि से विद्यार्थियों के लिए मुफ्त डिजिटल अध्ययन सामग्री तैयार की जाएगी।
सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को घर बैठे गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संसाधन उपलब्ध हों, ताकि महंगी निजी कोचिंग पर निर्भरता कम की जा सके।
ओड़िया में विज्ञान और वाणिज्य की पढ़ाई
राज्य सरकार उच्चतर माध्यमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा को भी विस्तार देने की तैयारी कर रही है। पहली बार प्लस-2 के विज्ञान और वाणिज्य विषयों की पढ़ाई ओड़िया भाषा में उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कठिन वैज्ञानिक और व्यावसायिक अवधारणाओं को अपनी मातृभाषा में बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है।
18 वर्ष तक मुफ्त मुक्त विद्यालय शिक्षा
सरकार मुक्त विद्यालय व्यवस्था का भी विस्तार करने जा रही है। इसके तहत राज्य मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान के माध्यम से प्लस-2 पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है। प्रस्तावित व्यवस्था में 18 वर्ष की आयु तक के विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे नियमित विद्यालयी शिक्षा से बाहर रह गए विद्यार्थियों को भी उच्चतर माध्यमिक शिक्षा पूरी करने का अवसर मिल सके।
शिक्षा को रोजगार से जोड़ने पर जोर
स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग के आयुक्त-सह-सचिव एन. तिरुमाला नाइक ने कहा कि सरकार ऐसी शिक्षा व्यवस्था तैयार करने पर ध्यान दे रही है, जिससे विद्यार्थी वास्तविक जीवन की आवश्यकताओं से जुड़े कौशल हासिल कर सकें और प्लस-2 की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के अवसरों की ओर आसानी से बढ़ सकें।
सरकार को उम्मीद है कि इन सुधारों से उच्चतर माध्यमिक शिक्षा में रोजगारोन्मुख कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा, शिक्षा के अवसरों में समानता बढ़ेगी और राज्य की शिक्षा व्यवस्था आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार होगी।
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