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पुराने नाम वाले सरकारी बोर्ड सात दिन में बदलने का निर्देश, कलेक्टरों को अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य में स्थानों के अंग्रेजी नामों की वर्तनी को ओड़िया उच्चारण के अनुरूप एक समान करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को सरकारी कार्यालयों और संस्थानों के नामपट्ट एवं सूचना पट्टों की व्यापक समीक्षा करने तथा सरकार द्वारा स्वीकृत नई वर्तनी का अनिवार्य रूप से उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ अरविंद कुमार पाढ़ी ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर कहा है कि जिन सरकारी कार्यालयों और संस्थानों के बोर्ड पर अभी भी पुरानी अंग्रेजी वर्तनी लिखी हुई है, उन्हें सात दिनों के भीतर बदल दिया जाए। कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में इस आदेश के क्रियान्वयन की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने और एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा गया है।
जून में जारी हुआ था राजपत्र
ओडिशा सरकार ने 22 जून 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से स्थानों के अंग्रेजी नामों की संशोधित वर्तनी को मंजूरी दी थी। इसके तहत सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों को अपने नामपट्ट और सूचना पट्टों पर नई वर्तनी एक महीने के भीतर अपनानी थी। वहीं निजी और गैर-सरकारी संस्थानों के लिए छह महीने की समयसीमा निर्धारित की गई थी।
सरकार के अनुसार, कई जिलों में संशोधित वर्तनी को सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। हालांकि कुछ सरकारी कार्यालयों में अब भी पुरानी अंग्रेजी वर्तनी का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अंगुल अब अनुगोल
सरकार द्वारा स्वीकृत नई वर्तनी के तहत अंगुल को ‘अनुगोल’, बालासोर को ‘बालेश्वर’, केंद्रापाड़ा को ‘केंद्रापड़ा’ और कटक को ‘कटक’ लिखा जाएगा। इसी तरह जयपोर की जगह ‘जयपुर’ और सोरो की जगह ‘सोरा’ लिखने का निर्देश दिया गया है।
विभाग ने कहा है कि सरकारी दस्तावेजों, कार्यालयों के नामपट्टों और अन्य आधिकारिक उपयोग में स्थानों के नाम की वर्तनी में एकरूपता बनाए रखना जरूरी है। पुरानी और नई वर्तनी के समानांतर इस्तेमाल से सरकारी नामकरण में भ्रम और असंगति पैदा हो सकती है।
निजी संस्थानों को भी नई वर्तनी अपनाने की अपील
कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे सरकारी कार्यालयों और संस्थानों के साथ-साथ निजी एवं गैर-सरकारी संस्थानों को भी संशोधित वर्तनी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस निर्णय के क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
सभी कलेक्टरों से कहा गया है कि वे अपने जिलों के सरकारी प्रतिष्ठानों में संशोधित अंग्रेजी वर्तनी के इस्तेमाल की स्थिति की समीक्षा करें और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें। इसके बाद एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट विभाग को भेजनी होगी।
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