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सीएचएसई का 44वां स्थापना दिवस मनाया गया
भुवनेश्वर। उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीएचएसई) का 44वां स्थापना दिवस सोमवार को भुवनेश्वर में मनाया गया। कार्यक्रम में कोटपाड़ के विधायक रूपु भत्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग के आयुक्त-सह-सचिव डॉ एन थिरुमाला नायक विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उच्चतर माध्यमिक शिक्षा निदेशक नियति पटनायक, परिषद के अध्यक्ष मृणाल कांति दास, सचिव सुभ्रबाला बेहरा, उपाध्यक्ष अक्रूर बारिक और परीक्षा नियंत्रक डॉ प्रशांत कुमार परिडा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बदलाव पर जोर
मुख्य अतिथि विधायक रूपु भत्रा ने परिषद की परीक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि परिषद ने शिक्षा की मजबूत नींव तैयार करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण और व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं।
विशिष्ट अतिथि डॉ एन थिरुमाला नायक ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अनुभव आधारित सीखने पर केंद्रित नए पाठ्यक्रम तैयार करने को प्राथमिकता दी जा रही है। विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के लिए ओड़िया भाषा में संदर्भ पुस्तकें तैयार करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता मिल सके।
डिजिटल सामग्री के लिए 10 करोड़ रुपये
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के लिए डिजिटल अध्ययन सामग्री विकसित करने के लिए परिषद को 10 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और उपयोगी डिजिटल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार उच्चतर माध्यमिक स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा को भी बढ़ावा दे रही है। इसका उद्देश्य है कि प्लस-2 की पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थी कम से कम एक व्यावसायिक कौशल में दक्ष हों और आगे रोजगार या स्वरोजगार के अवसर हासिल कर सकें। सरकारी व्यावसायिक उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक बोर्ड के एकीकरण की तैयारी
डॉ नायक ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (बीएसई) और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीएचएसई) को एकीकृत कर एक संयुक्त बोर्ड बनाने की दिशा में प्रयास चल रहे हैं। इससे माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा की व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने आने वाले दिनों में राज्य मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान (एसआईओएस) के माध्यम से प्लस-2 पाठ्यक्रम शुरू करने को मंजूरी दे दी है। इससे नियमित विद्यालयी शिक्षा से बाहर रह गए विद्यार्थियों के लिए उच्चतर माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करने के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानने पर जोर
उच्चतर माध्यमिक शिक्षा निदेशक नियति पटनायक ने परिषद के 44वें स्थापना दिवस पर सभी सदस्यों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। परिषद के अध्यक्ष मृणाल कांति दास ने स्वागत भाषण में विद्यार्थियों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने और उनके विकास में सहयोग करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान परिषद के सचिव ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। अतिथियों ने परिषद की वार्षिक स्मारिका ‘प्रज्ञा’ का विमोचन किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रशांत कुमार परिडा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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