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पश्चिमी ओडिशा के सांसदों की चुप्पी पर निशाना
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15 सितंबर से 15 नवंबर तक सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन करेगी किसान कांग्रेस
भुवनेश्वर। भारतीय खाद्य निगम द्वारा किसानों से चावल की खरीद नहीं किए जाने के मुद्दे को लेकर ओडिशा कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने सवाल उठाया कि पश्चिमी ओडिशा, जिसे राज्य का “धान का कटोरा” माना जाता है, में किसानों की उपज की खरीद नहीं होने के बावजूद क्षेत्र के सांसद इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं।
कांग्रेस ने शनिवार को भुवनेश्वर स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में किसानों की समस्याओं और चावल के उठाव में कथित देरी को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व विधायक एवं ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष देबाशीष पटनायक, किसान कांग्रेस अध्यक्ष अभय साहू और कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमीय पटनायक ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष देबाशीष पटनायक ने राज्य के आपूर्ति मंत्री के उस कथित बयान पर सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि भारतीय खाद्य निगम राज्य सरकार की बात नहीं सुन रहा है और इसी वजह से चावल का उठाव नहीं हो रहा है। उन्होंने इसे राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता करार दिया।
पटनायक ने कहा कि सत्ता में आने से पहले “डबल इंजन सरकार” के जरिए रामराज्य स्थापित करने का वादा किया गया था, लेकिन अब राज्य सरकार केंद्र पर ओडिशा की अनदेखी का आरोप लगा रही है। उन्होंने इसे जनता के साथ विश्वासघात बताया।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी ओडिशा राज्य का प्रमुख धान उत्पादक क्षेत्र है और वहां किसानों की उपज नहीं बिकना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की परेशानी के बावजूद क्षेत्र के निर्वाचित सांसदों की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है।
किसान कांग्रेस अध्यक्ष अभय साहू ने किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर से 15 नवंबर तक राज्य के सभी जिलों में विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक जिले में दो-दिवसीय प्रदर्शन के माध्यम से किसानों की समस्याओं, चावल के उठाव में कथित विफलता और आगामी खरीफ सीजन में धान खरीद की व्यवस्था को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।
कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमीय पटनायक ने भी राज्य सरकार की कृषि नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक ओर न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है, जबकि दूसरी ओर किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी का वास्तविक लाभ किसानों तक नहीं पहुंच रहा है और खरीद व्यवस्था में समस्याओं के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से किसानों की उपज की समयबद्ध और प्रभावी खरीद सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव विश्वजीत दाश भी उपस्थित थे।
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