भुवनेश्वर। ओडिशा सतर्कता विभाग ने सोमवार को पुरी जिले के दो राजस्व अधिकारियों को कृषि भूमि को आवासीय भूमि में परिवर्तित करने से जुड़े नामांतरण मामले में कथित तौर पर 35,000 की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अधिकारियों की पहचान कल्याणी जेना, राजस्व निरीक्षक (आरआई), और पूर्ण चंद्र बेहरा, सहायक राजस्व निरीक्षक (एआरआई) के रूप में हुई है। दोनों पुरी जिले के पिपिली तहसील के अंतर्गत सिउला राजस्व निरीक्षक सर्किल में तैनात थे।
नामांतरण प्रक्रिया के लिए मांगी रिश्वत
सतर्कता विभाग के अनुसार, शिकायतकर्ता ने निर्धारित सरकारी नियमों के तहत कृषि भूमि को आवासीय भूमि में परिवर्तित करने के लिए आवेदन किया था। आवेदन की स्थिति की जानकारी लेने के लिए जब वह राजस्व निरीक्षक कार्यालय पहुंचा, तो दोनों अधिकारियों ने कथित तौर पर नामांतरण मामला शुरू करने तथा आवश्यक जांच रिपोर्ट तैयार कर उसे आगे भेजने के लिए 35,000 की रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता द्वारा बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद दोनों आरोपी अधिकारियों ने कथित तौर पर रिश्वत की मांग पर जोर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने सतर्कता विभाग से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी।
जाल बिछाकर दोनों अधिकारियों को पकड़ा
शिकायत के आधार पर सतर्कता विभाग की टीम ने सोमवार को जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान कल्याणी जेना और पूर्ण चंद्र बेहरा को शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 35,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए पकड़ लिया गया।
सतर्कता टीम ने रिश्वत की पूरी राशि 35,000 आरोपियों के कब्जे से बरामद कर जब्त कर ली।
कार्यालय और आवासीय परिसरों में तलाशी
कार्रवाई के बाद सतर्कता विभाग ने दोनों आरोपियों के कार्यालय और आवासीय परिसरों में एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। ये तलाशी चारिछक के निकट ब्रह्मकुंडई, चंदनपुर के निकट अच्युतपुर और भुवनेश्वर के रसूलगढ़ स्थित परिसरों में की जा रही है।
तलाशी का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या दोनों अधिकारियों ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
इस कार्रवाई के संबंध में भुवनेश्वर सतर्कता थाना कांड संख्या 20, दिनांक 5 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 में संशोधित अधिनियम की धारा 7 के तहत दर्ज किया गया है।
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