भुवनेश्वर। विद्यालय एवं जनशिक्षा विभाग के तहत उच्च माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अधीन सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों और सरकारी उन्नीत उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त स्नातकोत्तर शिक्षक शिक्षकों के लिए दिग्दर्शन कार्यशाला का आयोजन किया गया। शिरिपुर स्थित इमेज में आयोजित इस कार्यक्रम के पहले चरण में इतिहास विषय के 120 पीजीटी शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रशिक्षण ले रहे हैं।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में यूनिसेफ के फील्ड कार्यालय प्रमुख प्रशांत कुमार दास, यूनिसेफ शिक्षा विशेषज्ञ ललिता पटनायक, संयुक्त निदेशक सस्मिता माली, उपनिदेशक सी.एच. विजयलक्ष्मी और उपनिदेशक जितेंद्र कुमार नायक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन देने पर जोर
यूनिसेफ के फील्ड कार्यालय प्रमुख प्रशांत कुमार दास ने शिक्षकों से कार्यशाला में सक्रिय रूप से भाग लेने और प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का शिक्षण कार्य में प्रभावी ढंग से उपयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन देकर उन्हें अपराध और अन्य नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
यूनिसेफ शिक्षा विशेषज्ञ ललिता पटनायक ने शिक्षकों से कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान का उपयोग विद्यार्थियों के समग्र विकास और चरित्र निर्माण में करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कक्षा में पढ़ाई शुरू करने से पहले विद्यार्थियों की रुचि और आवश्यकताओं को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
दो चरणों में आयोजित होगी कार्यशाला
संयुक्त निदेशक सस्मिता माली ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों और विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी दी। उपनिदेशक सी.एच. विजयलक्ष्मी ने कार्यक्रम का समन्वय किया, जबकि उपनिदेशक जितेंद्र कुमार नायक ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
पीजीटी शिक्षकों के लिए यह दिग्दर्शन कार्यशाला दो चरणों में आयोजित की जा रही है। पहला चरण 7 से 11 सितंबर तक, जबकि दूसरा चरण 21 से 27 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा।
पहले चरण में इतिहास विषय के 120 पीजीटी शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रशिक्षण में शामिल हुए हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति से लेकर करियर मार्गदर्शन तक प्रशिक्षण
कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न पहलुओं, लैंगिक समानता आधारित शिक्षा, शिक्षण-अधिगम में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के उपयोग, ओडिशा शिक्षा नियम, छात्र शैक्षणिक प्रबंधन प्रणाली एवं शिक्षाज्योति पोर्टल के उपयोग, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम, छात्रवृत्ति, प्रशासनिक जिम्मेदारियों, परीक्षा एवं मूल्यांकन योजना तथा करियर मार्गदर्शन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण और चर्चा की जाएगी।
कार्यशाला का उद्देश्य पीजीटी शिक्षकों की पेशेवर दक्षता को मजबूत करने के साथ उन्हें विद्यार्थियों की शैक्षणिक, व्यक्तिगत और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी मार्गदर्शन प्रदान करने में सक्षम बनाना है।
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