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ऑस्ट्रेलिया से 1.52 लाख टन कोकिंग कोयला लेकर पहुंचा 292 मीटर लंबा जहाज
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गहरे ड्राफ्ट वाले जहाजों के संचालन में बड़ी उपलब्धि
भुवनेश्वर। पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण (पीपीए) ने समुद्री क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पारादीप बंदरगाह के पश्चिमी डॉक-1 (डब्ल्यूडी-1) पर पहली बार 16.5 मीटर गहरे ड्राफ्ट वाले कैपसाइज श्रेणी के जहाज एमवी मिनरल क्वांगयांग को सफलतापूर्वक खड़ा किया गया।
पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण ने ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 292 मीटर लंबे एमवी मिनरल क्वांगयांग में ऑस्ट्रेलिया के हे पॉइंट से 1,52,702 मीट्रिक टन कोकिंग कोयला लाया गया है। बंदरगाह ने इसे गहरे ड्राफ्ट वाले बड़े जहाजों के संचालन की अपनी क्षमता में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
पीपीए अध्यक्ष ने टीम को दी बधाई
पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशांत कुमार पुरोहित ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पीपीए और जेपीपीएल की टीम को बधाई दी। इस सफलता को बंदरगाह की बढ़ती क्षमता और बड़े समुद्री जहाजों को संभालने की दक्षता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
18.7 मीटर गहरा है पहुंच मार्ग
पारादीप भारत के प्रमुख बंदरगाहों में शामिल है। केंद्र सरकार ने 18 अप्रैल 1966 को पारादीप बंदरगाह को देश का आठवां प्रमुख बंदरगाह घोषित किया था। यह स्वतंत्रता के बाद भारत के पूर्वी तट पर चालू किया गया पहला प्रमुख बंदरगाह था।
वर्तमान में पारादीप बंदरगाह पर कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद, लौह अयस्क, तापीय कोयला, क्रोम अयस्क, कोकिंग कोयला, मैंगनीज अयस्क, चार्ज क्रोम, विभिन्न फेरो मिश्र धातुएं, चूना पत्थर, हार्ड कोक, इस्पात, उर्वरक, उर्वरक कच्चा माल, क्लिंकर, जिप्सम, परियोजना माल और कंटेनर सहित विभिन्न प्रकार के माल का संचालन किया जाता है।
पीपीए के अनुसार, बंदरगाह में वर्तमान में 18 बर्थ हैं, जिनमें तीन एकल बिंदु मूरिंग, एक रोल-ऑन/रोल-ऑफ जेट्टी शामिल हैं। बंदरगाह के पहुंच मार्ग की गहराई 18.7 मीटर और प्रवेश चैनल की न्यूनतम गहराई 17.1 मीटर है। इसके माध्यम से अधिकतम 300 मीटर लंबाई वाले विभिन्न प्रकार के जहाजों का संचालन किया जा सकता है।
18.5 मीटर गहरे ड्राफ्ट की क्षमता की दिशा में बढ़ा कदम
इस उपलब्धि से पहले 21 अगस्त को केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पारादीप बंदरगाह में 427.80 करोड़ रुपये की सात प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। इन परियोजनाओं के माध्यम से बंदरगाह की 18.5 मीटर गहरे ड्राफ्ट वाले जहाजों को संभालने की क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसी अवसर पर बंदरगाह ने 10 लाख पेड़ लगाने का महत्वपूर्ण पड़ाव भी हासिल किया था।
1,580 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं से बढ़ेगी क्षमता
पारादीप बंदरगाह की क्षमता और दक्षता बढ़ाने के लिए तीन यंत्रीकरण परियोजनाओं को लेकर 1,580.36 करोड़ रुपये के रियायती समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए थे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य बंदरगाह की माल संभालने की क्षमता बढ़ाने, संचालन को अधिक प्रभावी बनाने और भविष्य में बड़े जहाजों तथा बढ़ते माल यातायात को संभालने के लिए आवश्यक ढांचा तैयार करना है।
एमवी मिनरल क्वांगयांग की सफल बर्थिंग को इसी व्यापक विस्तार और आधुनिकीकरण अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
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