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नवाचार और बेहतर शैक्षणिक प्रशासन के लिए एनआईईपीए ने किया सम्मानित
भुवनेश्वर। ओडिशा के सात शिक्षा अधिकारियों को शैक्षणिक प्रशासन में नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यप्रणाली पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए) की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन एवं पुरस्कार समारोह में इन अधिकारियों को सम्मान प्रदान किया गया।
यह राष्ट्रीय सम्मान शिक्षा व्यवस्था में नवाचार के माध्यम से विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार, विद्यालयों में सुरक्षा बढ़ाने, विद्यार्थियों के विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने और शैक्षणिक सेवाओं की प्रभावी व्यवस्था में योगदान के लिए दिया गया है।
सस्मिता साहू को बुनियादी शिक्षा में नवाचार के लिए सम्मान
भुवनेश्वर स्थित ओडिशा स्कूल शिक्षा कार्यक्रम प्राधिकरण की संयुक्त निदेशक सस्मिता साहू को ‘एफएलएन समर कोर्स’ के लिए सम्मानित किया गया। इस पहल के तहत गर्मी की छुट्टियों के दौरान बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान विकसित करने के लिए व्यवस्थित एवं रोचक शिक्षण गतिविधियां संचालित की गईं।
झारसुगुड़ा में सीखने के परिणाम सुधारने की पहल
झारसुगुड़ा के जिला शिक्षा अधिकारी-सह-जिला परियोजना समन्वयक डॉ राधाकांत गर्तिया को ‘उड़ियान तारा’ पहल के लिए पुरस्कार मिला। इसका उद्देश्य लक्षित शैक्षणिक हस्तक्षेप और प्रभावी निगरानी के माध्यम से जिले के विद्यालयी विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार करना है।
गजपति के ‘प्रयास सुपर 30’ को राष्ट्रीय पहचान
गजपति के जिला शिक्षा अधिकारी डॉ मायाधर साहू को ‘प्रयास एट सुपर 30 गजपति’ के लिए सम्मानित किया गया। इस पहल के माध्यम से मेधावी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने और उच्च शिक्षा के अवसर हासिल करने के लिए केंद्रित शैक्षणिक सहयोग दिया जा रहा है।
जाजपुर की स्कूल सुरक्षा पहल भी सम्मानित
जाजपुर की अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सबिता साहू को ‘स्कूल सेफ्टी कॉरिडोर : जीवन शैली और मानसिकता’ पहल के लिए राष्ट्रीय सम्मान मिला। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और विद्यालय समुदाय में सुरक्षा के प्रति जागरूकता, तैयारी और मजबूत सुरक्षा संस्कृति विकसित करना है।
पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए ‘रीडिंग टूर्नामेंट’
केंदुझर के अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी श्रीकांत बेहरा को ‘रीडिंग टूर्नामेंट एंड डियर कार्यक्रम’ के लिए सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना और विद्यालयों में पढ़ने की मजबूत संस्कृति विकसित करना है।
शून्य ड्रॉपआउट अभियान को भी राष्ट्रीय पुरस्कार
बलांगीर की अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सेबाश्री भोई को ‘मिशन जीरो ड्रॉपआउट’ के लिए सम्मान मिला। यह पहल संबलपुर जिले के धनकौड़ा प्रखंड में विद्यालय छोड़ने के जोखिम वाले बच्चों की पहचान करने और उन्हें लगातार शिक्षा से जोड़े रखने पर केंद्रित है।
स्कूल सुरक्षा दीवार से आपदा प्रबंधन का संदेश
जाजपुर के समग्र शिक्षा योजना समन्वयक त्रिलोचन साहू को ‘स्कूल सुरक्षा दीवार के माध्यम से स्कूल सुरक्षा नीति के आपदा प्रबंधन दिशा-निर्देशों का क्रियान्वयन’ पहल के लिए सम्मानित किया गया। इसके तहत दृश्य संचार, जागरूकता और समुदाय की भागीदारी के माध्यम से विद्यालयों में आपदा से निपटने की तैयारी और सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है।
शिक्षा सचिव ने दी बधाई
विद्यालय एवं जनशिक्षा विभाग के सचिव डॉ एन तिरुमला नाइक ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा विद्यार्थियों की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने शिक्षा प्रशासन में ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहित करने के महत्व पर भी जोर दिया।
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