भुवनेश्वर, ओड़िया भाषा, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण को लेकर विश्व ओड़िया परिवार ने आगामी गह्मा पूर्णिमा (रक्षाबंधन) के अवसर पर जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया है। संगठन ने लोगों से अपनी मातृभाषा के प्रति गौरव की भावना विकसित करने और दैनिक जीवन में ओड़िया के अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प लेने का आह्वान किया है।
विश्व ओड़िया परिवार के अध्यक्ष सज्जन शर्मा ने कहा कि भाषा किसी समाज की विरासत, परंपरा और पहचान का जीवंत प्रतिबिंब होती है। उन्होंने कहा कि कोई भाषा तभी जीवित रहती है, जब उसका इस्तेमाल केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर घर-परिवार, बातचीत, रचनात्मक अभिव्यक्ति और आने वाली पीढ़ियों के जीवन में भी होता रहे।
उन्होंने कहा कि अपनी भाषा बोलने में गर्व महसूस करना सबसे महत्वपूर्ण है। ओड़िया भाषा को केवल अतीत की विरासत के रूप में देखने के बजाय इसे भविष्य में ज्ञान और रोजगार का माध्यम बनाने की दिशा में भी काम करना जरूरी है।
सज्जन शर्मा ने कहा कि किसी भाषा का संरक्षण केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है। परिवार, शिक्षक, विद्यार्थी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर ओड़िया भाषा का अधिकाधिक उपयोग करना होगा, तभी भाषा जीवंत और समृद्ध बनी रह सकती है।
विश्व ओड़िया परिवार के अनुसार, ओड़िया भाषा का दैनिक जीवन में इस्तेमाल कम होने और अन्य भाषाओं के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ रही है। संगठन का कहना है कि घरों में ओड़िया के प्रयोग में कमी आई है तथा निमंत्रण पत्रों और विज्ञापनों सहित विभिन्न प्रकार की सूचनाओं में विदेशी भाषाओं का प्रभाव बढ़ रहा है।
संगठन ने कहा कि शहरी जीवनशैली के बढ़ते प्रभाव के कारण भाषा, संस्कृति और परंपरा से लोगों का जुड़ाव कमजोर हो रहा है। ऐसे में समाज को केवल मूकदर्शक बने रहने के बजाय भाषा संरक्षण के लिए सक्रिय पहल करनी होगी।
इसी उद्देश्य से आगामी गह्मा पूर्णिमा (रक्षाबंधन) के अवसर पर जनजागरण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान लोगों से ओड़िया भाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए संकल्प लेने तथा अपने पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने का आह्वान किया जाएगा।
विश्व ओड़िया परिवार ने लोगों से गह्मा पूर्णिमा के दिन रक्षासूत्र बांधकर ओड़िया भाषा और संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेने की अपील की है।
संगठन ने लोगों से आगे से ओड़िया में हस्ताक्षर करने, निमंत्रण पत्र और विज्ञापनों सहित आवश्यक सूचनाएं ओड़िया भाषा में उपलब्ध कराने तथा मातृभाषा और संस्कृति के संरक्षण को अपना पवित्र कर्तव्य मानकर कार्य करने का आह्वान किया है।
सज्जन शर्मा ने कहा कि ओड़िया भाषा को मजबूत बनाने के लिए सामूहिक सामाजिक प्रयास जरूरी है और आने वाली पीढ़ियों तक भाषा एवं सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित पहुंचाना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
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