भुवनेश्वर,ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को मुख्यमंत्री शिकायत प्रकोष्ठ में आयोजित राज्यस्तरीय जनसुनवाई के 20वें चरण में लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री के साथ 10 वरिष्ठ मंत्रियों और विभिन्न विभागों के सचिव स्तर के अधिकारियों ने भी लोगों की शिकायतों पर सुनवाई की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की शासन व्यवस्था का मूल आधार सहानुभूति, संवेदना और सहृदयता है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
माझी ने कहा, “हमारी सरकार जनता की सरकार है। जहां भी लोगों की समस्या है, हमारी सरकार वहां पहुंचती है।” उन्होंने कहा कि बाढ़, चक्रवात और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी सरकार लगातार लोगों के साथ खड़ी रही है और जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में असमय बारिश को प्राकृतिक आपदा घोषित कर प्रभावित लोगों को सहायता दी गई थी। इसी तरह मौजूदा बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भी सहायता पैकेज प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लोगों के सुख-दुख में हमेशा उनके साथ रहेगी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्यस्तर पर पहले आयोजित 19 चरणों की जनसुनवाई में कुल 15,327 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 14,519 शिकायतों यानी करीब 95 प्रतिशत का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है।
जिला स्तर पर भी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों द्वारा नियमित रूप से लोगों की शिकायतें सुनी जा रही हैं। तहसील और ब्लॉक स्तर पर भी जनसुनवाई की प्रक्रिया जारी है।
जुलाई के अंत तक जिला स्तर पर कुल 2,69,394 शिकायतों की सुनवाई की गई, जिनमें से 87 प्रतिशत शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। सरकार के अनुसार, जिला स्तर पर समस्याओं के समाधान से लोगों को अनावश्यक रूप से राज्यस्तरीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने सुबह सबसे पहले दिव्यांग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने उनके आवेदन स्वीकार किए और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
विभिन्न गंभीर बीमारियों से पीड़ित 16 लोगों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री ने सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से कुल 14.50 लाख रुपये की चिकित्सा सहायता तत्काल मंजूर की।
सोमवार को ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से 600 से अधिक शिकायत आवेदन प्राप्त हुए।
जनसुनवाई के दौरान उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग, वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना, आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र, सहकारिता मंत्री प्रदीप बल सामंत, मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक, उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज तथा वन, पर्यावरण एवं श्रम एवं कर्मचारी राज्य बीमा मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया सहित अन्य वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव शाश्वत मिश्रा, राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अरविंद पाढ़ी, सामान्य शिकायत एवं सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सुरेश कुमार वशिष्ठ तथा विभिन्न विभागों के सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी जनसुनवाई में उपस्थित रहे।
सरकार के अनुसार, नियमित जनसुनवाई और शिकायतों के त्वरित निपटारे से प्रशासनिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आया है और आम लोगों का सरकार के प्रति भरोसा एवं विश्वास मजबूत हुआ है।
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