भुवनेश्वर, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में प्रधान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कथित तुष्टीकरण की राजनीति एक बार फिर सामने आई है और इस बार निशाने पर देश का राष्ट्रगौरव ‘वंदे मातरम्’ है।
प्रधान ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति के ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण गान से पीछे हटने के कथित निर्णय को पार्टी की पुरानी तुष्टीकरण की राजनीति की पुनरावृत्ति बताया।
उन्होंने अपने पोस्ट में 1937 के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय भी कांग्रेस ने वोट बैंक के दबाव में ‘वंदे मातरम्’ के इस्तेमाल को सीमित करने का निर्णय लिया था। प्रधान ने दावा किया कि उस दौर की तुष्टीकरण की राजनीति ने देश की एकता को कमजोर करने वाली शक्तियों को बल दिया और अंततः देश को विभाजन की त्रासदी झेलनी पड़ी।
प्रधान ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा इसके पूर्ण गान को कानूनी संरक्षण दिए जाने के बाद कांग्रेस का रुख फिर चर्चा में आया है।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि इतिहास की कथित गलतियों से सबक लेने के बजाय उन्हें दोहराने की कोशिश कांग्रेस की वैचारिक कमजोरी को दर्शाती है।
प्रधान ने कहा कि देश की एकता और राष्ट्रीय सम्मान किसी भी वोट बैंक से ऊपर हैं और देश ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से यह स्पष्ट करने की मांग भी की कि कांग्रेस के लिए देश का राष्ट्रगौरव अधिक महत्वपूर्ण है या वोट बैंक की राजनीति।
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