भुवनेश्वर: बैतरणी नदी में बार-बार आ रही बाढ़ के बीच ओडिशा के जल संसाधन विभाग ने आनंदपुर बैराज के गेटों के कथित अनियमित संचालन को लेकर बैतरणी पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
जल संसाधन विभाग, ओडिशा के इंजीनियर-इन-चीफ इंजीनियर दिलीप कुमार राउत ने बीपीपीएल को कारण बताओ नोटिस जारी कर बाढ़ और अचानक आई बाढ़ की स्थिति के दौरान बैराज के गेट कथित तौर पर मनमाने ढंग से खोले जाने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
इस संबंध में आनंदपुर बैराज परियोजना, सालपड़ा के मुख्य निर्माण अभियंता को भी पत्र भेजा गया है।
विभाग के अनुसार, बीपीपीएल अपने बैतरणी स्मॉल हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन के लिए बाढ़ के चरम दौर और फ्लैश फ्लड की स्थिति के दौरान बैराज के गेट कथित रूप से अनियमित तरीके से खोल रहा था। विभाग ने आशंका जताई है कि इस तरह के संचालन से पानी का अनियंत्रित बहाव हो सकता है, जिससे बैराज के निचले हिस्सों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
विभाग ने परियोजना अधिकारियों को बीपीपीएल से इस तरह के कथित अनियमित गेट संचालन के कारणों पर स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया है। साथ ही, किसी भी अत्यधिक बाढ़ की स्थिति से काफी पहले बैराज को खाली करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि निचले इलाकों में बाढ़ के जोखिम को कम किया जा सके।
विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि बैराज के गेटों का संचालन संबंधित परियोजना अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित प्रक्रिया और मानकों के अनुसार ही किया जाए।
मानसून के दौरान बैतरणी नदी के निचले इलाकों में बार-बार बाढ़ आने के मद्देनजर आनंदपुर बैराज से जल निकासी के उचित प्रबंधन और नियंत्रित जल प्रवाह को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच विभाग की यह कार्रवाई सामने आई है।
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