भुवनेश्वर,ओडिशा सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राहत और बचाव प्रयास तेज कर दिए हैं। जलजनित बीमारियों की रोकथाम और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रभावित क्षेत्रों में जल स्रोतों को सैनिटाइज करने और पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ) ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से बताया कि 17 अगस्त को शाम 5 बजे तक बाढ़ प्रभावित 1,461 नलकूपों और 89 पाइप्ड वाटर सप्लाई परियोजनाओं के जल स्रोतों को सैनिटाइज किया जा चुका है।
जल स्रोतों के सैनिटाइजेशन के साथ-साथ पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच भी की जा रही है, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जा सके।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पेयजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार की ओर से 27 पानी के टैंकर, 69 सिंटेक्स टैंक वाहन और छह मोबाइल वाटर ट्रीटमेंट यूनिट लगाए गए हैं।
बिजली आपूर्ति बाधित होने वाले क्षेत्रों में PWS परियोजनाओं को डीजी सेट की मदद से संचालित किया जा रहा है, ताकि लोगों को पेयजल की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रखी जा सके।
स्थिति पर नियंत्रण कक्षों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों में तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं, आवश्यक दवाएं और मेडिकल जांच उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों जैसे संवेदनशील वर्गों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य जलजनित बीमारियों के खतरे को कम करना और प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
राज्य सरकार ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राहत एवं स्वास्थ्य संबंधी उपाय लगातार जारी रहेंगे।
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