भुवनेश्वर: पश्चिम बंगाल और ओडिशा तट से सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिक उमाशंकर दाश के अनुसार, सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से बना यह सिस्टम अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर दिशा की ओर बढ़ सकता है और इसके और अधिक मजबूत होने की संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आज क्योंझर, मयूरभंज और बालेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मयूरभंज और बालेश्वर के लिए रेड वार्निंग जारी की गई है, जहां बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।
वहीं, क्योंझर, ढेंकानाल, जाजपुर, भद्रक, कटक और केंद्रापड़ा जिलों के लिए ऑरेंज वार्निंग जारी की गई है। इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। राज्य के अन्य जिलों के लिए येलो वार्निंग जारी की गई है।
मौसम प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा के तटीय इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। वहीं, चेतावनी वाले जिलों के लोगों से जलभराव, यातायात बाधित होने और संवेदनशील क्षेत्रों में संभावित भूस्खलन को लेकर सतर्क रहने की अपील की गई है।
प्रशासन और लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा मौसम विभाग के आगामी अपडेट का पालन करने की सलाह दी गई है।
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