भुवनेश्वर, ओडिशा सरकार ने आगामी खरीफ धान खरीदी सत्र 2026–27 के लिए किसानों के पंजीकरण प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने हेतु सोमवार को एक अंतर-मंत्रालयी समिति की बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री एवं कृषि एवं किसान सशक्तिकरण तथा ऊर्जा मंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने की।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा, पंचायती राज एवं पेयजल मंत्री रबी नारायण नायक तथा सहकारिता मंत्री प्रदीप बल सामंत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा सहकारिता, कृषि, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण और वित्त विभाग के सचिवों तथा राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक ने भी विचार-विमर्श में भाग लिया।
समिति ने स्पष्ट किया कि एग्रीस्टैक पंजीकरण फिलहाल अनिवार्य नहीं है, जिससे कोई भी किसान धान बेचने से वंचित न रहे। किसान अपने निकटतम प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और कॉमन सर्विस सेंटर में पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण की अंतिम तिथि अक्टूबर तक निर्धारित की गई है। एग्रीस्टैक एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो किसानों को एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान करता है और सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच को सरल बनाता है। अब तक लगभग छह लाख किसान इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हो चुके हैं।
सरकार बटाईदार किसानों के लिए विशेष दिशानिर्देश तैयार करने की प्रक्रिया में भी है, ताकि उन्हें भी धान खरीदी प्रणाली में शामिल किया जा सके।
बैठक में 2025–26 रबी सत्र की समीक्षा करते हुए बताया गया कि 3,63,553 किसानों से 20,46,185 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई, जो पिछले वर्ष के 19,18,528 मीट्रिक टन से अधिक है। इस दौरान 3,63,149 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और इनपुट सहायता के रूप में ₹4,844 करोड़ का भुगतान किया गया।
आगामी खरीफ सत्र के लिए सरकार ने कम से कम 50 प्रतिशत किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि एवं किसान सशक्तिकरण, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण तथा सहकारिता विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे, जिसमें राजस्व विभाग भी सहयोग करेगा।
वर्तमान में खरीफ 2026–27 के लिए 94,657 किसानों ने धान बिक्री हेतु पंजीकरण कराया है, जिसमें बालासोर जिला सबसे आगे है। गलत सूचनाओं को रोकने और जागरूकता बढ़ाने के लिए उपखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर अभियान चलाए जा रहे हैं। ग्राम कृषि कार्यकर्ता किसानों की पंजीकरण प्रक्रिया में सहायता करेंगे और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी किसानों को पंजीकरण रसीद प्रदान की जाए।
दो प्रकार की पंजीकरण पर्चियां जारी की जा रही हैं—एक एग्रीस्टैक के साथ और दूसरी बिना एग्रीस्टैक के—और दोनों ही धान खरीदी के लिए मान्य होंगी।
राज्य सरकार ने दोहराया कि ओडिशा का कोई भी किसान धान बेचने से वंचित न रहे, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी बनाया जाएगा।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
