भुवनेश्वर: पवित्र सावन माह के दूसरे सोमवार को ओडिशा के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजते रहे। हजारों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों ने विभिन्न शिवालयों में पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और जलाभिषेक किया।
राज्य के प्रमुख शिव मंदिरों में भुवनेश्वर का लिंगराज मंदिर, पुरी का लोकनाथ मंदिर, नयागढ़ का लडू बाबा मंदिर, ढेंकानाल का कपिलाश मंदिर और कटक का धबलेश्वर मंदिर शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
कांवड़िए पारंपरिक तरीके से कंधों पर बांस की कांवड़ में जल से भरे कलश लेकर शिवालयों की ओर रवाना हुए। उन्होंने विभिन्न नदियों और जलस्रोतों से पवित्र जल एकत्र कर भगवान शिव को अर्पित किया। कई श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था और संकल्प के तहत नंगे पैर लंबी दूरी तय की।
सावन के सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करना विशेष धार्मिक महत्व रखता है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि इस पवित्र माह में श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान शिव की पूजा करने से सुख-समृद्धि, शांति, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है। साथ ही, भगवान शिव अपने भक्तों की सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं, ऐसी भी धार्मिक मान्यता है।
कटक स्थित धबलेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के लिए सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे, जबकि भुवनेश्वर के प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर में सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के सुचारु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए राज्य के प्रमुख शिव मंदिरों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए। कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके और किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इधर, महानदी समेत अन्य जलस्रोतों के किनारे भी प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती। हालिया बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण कई स्थानों पर जलस्तर बढ़ा हुआ है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी और जलस्रोतों के आसपास अतिरिक्त निगरानी तथा सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई।
दूसरे सावन सोमवार के अवसर पर पूरे ओडिशा में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और भगवान शिव के जयघोष के साथ इस पावन दिन को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
