-
चार सप्ताह में ऑनलाइन दस्तावेज जमा करने का अल्टीमेटम
-
नहीं तो सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
भुवनेश्वर। भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) ने आवासीय क्षेत्रों में बिना अनुमति संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद बीएमसी ने ऐसे प्रतिष्ठानों के मालिकों को अपने भवन की योजना स्वीकृति और अन्य संबंधित दस्तावेज ऑनलाइन जमा करने के लिए सीमित समय दिया है। निर्धारित अवधि में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलिंग और जरूरत पड़ने पर ध्वस्तीकरण सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बीएमसी के सर्वेक्षण में अब तक 4,632 से अधिक ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान की जा चुकी है, जो आवासीय परिसरों, फ्लैटों, अपार्टमेंट, भूखंडों या आवासीय भवनों में आवश्यक अनुमति के बिना व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। इन प्रतिष्ठानों में दुकानें, छात्रावास, होटल, शैक्षणिक संस्थान, क्लीनिक और अन्य व्यावसायिक इकाइयां शामिल हैं।
8 से 22 अगस्त तक ऑनलाइन जमा करने होंगे दस्तावेज
बीएमसी के अनुसार, संपत्ति मालिकों को 8 अगस्त से 22 अगस्त के बीच अपने वैध दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। निर्धारित समय सीमा में आवश्यक कागजात उपलब्ध नहीं कराने या स्वीकृत भवन योजना के विपरीत निर्माण अथवा उपयोग पाए जाने पर संबंधित संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया केवल कथित रूप से अनधिकृत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं है। वैध तरीके से संचालित हो रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों से भी अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने और संपत्ति से संबंधित कर अभिलेखों को अद्यतन करने को कहा गया है, ताकि भविष्य में निरीक्षण के दौरान सभी आवश्यक जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहे।
उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद कार्रवाई तेज
बीएमसी की यह कार्रवाई 20 मई 2026 के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद तेज हुई है। संबंधित मामले में न्यायालय ने स्थानीय नगर निकायों को स्वीकृत भवन योजनाओं के उल्लंघन, विचलन, अनधिकृत निर्माण अथवा स्वीकृत उपयोग के विपरीत भवन के इस्तेमाल के मामलों में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
न्यायालय के निर्देशों के तहत स्थानीय निकायों को आवश्यकतानुसार संपत्ति को सील करने, अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त करने अथवा कानून के तहत अन्य कठोर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
भवन और योजना संबंधी नियमों का भी उल्लंघन
बीएमसी ने कहा है कि आवासीय भवनों में बिना आवश्यक अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करना केवल स्वीकृत भवन योजना का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह ओडिशा नगरपालिका कानून, 1982 तथा योजना और भवन मानक संबंधी नियमों के प्रावधानों के भी विपरीत है।
किसी भवन का निर्माण जिस उद्देश्य के लिए स्वीकृत किया गया है, उसका इस्तेमाल उसी अनुरूप किया जाना आवश्यक है। आवासीय भवन को बिना अनुमति दुकान, होटल, छात्रावास, क्लीनिक, कार्यालय या अन्य व्यावसायिक गतिविधि के लिए इस्तेमाल करने पर संबंधित संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
बीएमसी ने ऑनलाइन प्रक्रिया को बनाया आसान
बीएमसी ने संपत्ति मालिकों की सुविधा के लिए दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। इसके लिए बीएमसी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से दस्तावेज अपलोड किए जा सकते हैं।
इसके अलावा बीएमसी ने सीधे दस्तावेज अपलोड करने की ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई है। इससे संपत्ति मालिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय घर या कार्यालय से ही आवश्यक कागजात जमा करने की सुविधा मिलेगी।
बीएमसी ने सभी संबंधित संपत्ति मालिकों से अपील की है कि वे समय सीमा समाप्त होने से पहले अपने दस्तावेज जमा करें और अपनी संपत्ति से संबंधित अभिलेखों को अद्यतन रखें।
नियमितीकरण के लिए कर सकते हैं आवेदन
जिन संपत्ति मालिकों के पास वर्तमान में आवश्यक योजना स्वीकृति या अन्य अनुमति उपलब्ध नहीं है, वे सक्षम बीएमसी प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं। ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार नियमितीकरण या नए सिरे से अनुमति के लिए आवेदन करने का विकल्प उपलब्ध हो सकता है।
हालांकि, नियमितीकरण स्वतः नहीं माना जाएगा। संबंधित भवन और उसका उपयोग लागू नियमों तथा स्वीकृत मानकों के अनुरूप है या नहीं, इसका निर्णय सक्षम प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा।
बीएमसी आयुक्त ने मांगा लोगों का सहयोग
बीएमसी आयुक्त चंचल राणा ने शहरवासियों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि भुवनेश्वर में नियोजित शहरी विकास, भवन नियमों के पालन और सार्वजनिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
उन्होंने संपत्ति मालिकों से निर्धारित समय सीमा में अपने दस्तावेज जमा करने तथा नियमों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।
व्यावसायिक गतिविधियों पर होगी नजर
बीएमसी की कार्रवाई से आवासीय इलाकों में चल रहे अनधिकृत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर दबाव बढ़ने की संभावना है। निगम अब यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है कि आवासीय क्षेत्रों में भवनों का इस्तेमाल स्वीकृत योजना और निर्धारित उपयोग के अनुरूप ही हो।
बीएमसी का स्पष्ट संदेश है कि आवासीय क्षेत्र रहने के लिए निर्धारित हैं और वहां बिना अनुमति अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्धारित अवधि में दस्तावेज जमा कर नियमों का पालन करने वाले संपत्ति मालिक कार्रवाई से बच सकते हैं, जबकि निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
