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कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी
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बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण से बदला मौसम
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मयूरभंज में नारंगी चेतावनी
भुवनेश्वर। ओडिशा में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी और उससे सटे क्षेत्रों में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को मयूरभंज जिले के लिए नारंगी चेतावनी जारी करते हुए भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका जताई है। वहीं राज्य के अन्य जिलों के लिए गरज-चमक, आकाशीय बिजली और हल्की से मध्यम वर्षा को लेकर पीली चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारी वर्षा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा आकाशीय बिजली के समय खुले स्थानों पर नहीं जाने की अपील की गई है।
मयूरभंज में भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका
आईएमडी के अनुसार, मयूरभंज जिले में मौसम अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय है। जिले के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
राज्य के शेष जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम की सक्रियता को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों को स्थानीय स्तर पर जारी मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कों, निचले रास्तों और जल निकासी वाले क्षेत्रों में भी लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
12 अगस्त के आसपास फिर बन सकता है चक्रवाती परिसंचरण
आईएमडी ने अगले सप्ताह मौसम में एक और बदलाव के संकेत दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 12 अगस्त के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक और ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण विकसित हो सकता है।
इस नए मौसम तंत्र के सक्रिय होने पर ओडिशा के उत्तरी और तटीय जिलों में वर्षा की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
यदि यह परिसंचरण मजबूत होता है, तो अगले सप्ताह के शुरुआती दिनों में राज्य के कई हिस्सों में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है। इससे पहले से जारी बारिश का दौर और लंबा खिंचने की संभावना है।
दो मौसम प्रणालियां बना रही हैं बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां
भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र के ऊपर ऊपरी वायुमंडल में एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
इसके अलावा दक्षिण गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर भी एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के प्रभाव से ओडिशा में व्यापक वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है, जबकि एक-दो जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इनमें मयूरभंज प्रमुख रूप से शामिल है।
तेज रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
बारिश के साथ राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा। कुछ स्थानों पर सतही हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
आईएमडी ने लोगों को गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने तथा सुरक्षित भवनों में शरण लेने की सलाह दी गई है।
अगले सप्ताह भी सक्रिय रहेगा मानसून
बंगाल की खाड़ी में लगातार सक्रिय हो रही मौसम प्रणालियों के कारण ओडिशा में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौजूदा चक्रवाती परिसंचरण के बाद 12 अगस्त के आसपास संभावित नए परिसंचरण से राज्य के उत्तरी और तटीय जिलों में वर्षा की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय प्रशासन और आधिकारिक मौसम चेतावनियों का पालन करने तथा भारी बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।
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