Home / Odisha / ओडिशा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने पर जोर

ओडिशा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने पर जोर

  •     मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने केंद्रीय संस्थानों के प्रमुखों के साथ की चर्चा

  •     शोध और नवाचार को राज्य के विकास से जोड़ने पर बनी सहमति

भुवनेश्वर। ओडिशा में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र को मजबूत करने तथा वैज्ञानिक अनुसंधान का लाभ राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास तक पहुंचाने के उद्देश्य से खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने राज्य में स्थित केंद्र सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक एवं अनुसंधान संस्थानों के प्रमुखों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की।

बैठक में राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईएसईआर), इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज (आईएलएस), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), इंस्टीट्यूट ऑफ मिनरल्स एंड मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी (आईएमएमटी) और क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) के प्रमुखों ने भाग लिया।

संस्थानों के प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी दी

बैठक के दौरान विभिन्न संस्थानों के प्रमुखों ने अपने-अपने संस्थानों में चल रहे प्रमुख शोध, वैज्ञानिक कार्यक्रमों और तकनीकी गतिविधियों के बारे में मंत्री को विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने आने वाले दिनों में शुरू किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और अनुसंधान परियोजनाओं की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। वैज्ञानिक संस्थानों की ओर से किए जा रहे शोध कार्यों और उनके संभावित सामाजिक एवं औद्योगिक उपयोग पर भी चर्चा हुई।

विज्ञान और नवाचार में संस्थानों के योगदान की सराहना

मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में इन प्रतिष्ठित संस्थानों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान शोध और तकनीकी विकास के माध्यम से नई संभावनाओं का निर्माण कर रहे हैं।

उन्होंने ओडिशा के विकास के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीक के बेहतर इस्तेमाल की आवश्यकता पर जोर दिया।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्रीय वैज्ञानिक संस्थानों के बीच सहयोग को और मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि प्रयोगशालाओं और अनुसंधान संस्थानों में विकसित ज्ञान और तकनीक का उपयोग राज्य की वास्तविक सामाजिक एवं आर्थिक चुनौतियों के समाधान में किया जा सके।

राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास से जोड़ा जाएगा शोध

बैठक में वैज्ञानिक अनुसंधान को राज्य की विकास प्राथमिकताओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। कृषि, स्वास्थ्य, खनिज एवं सामग्री प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और औद्योगिक विकास जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान के संभावित उपयोग पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता जताई गई।

मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक संस्थानों में हो रहे अनुसंधान का लाभ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए सरकार और शोध संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग की संभावना

बैठक में वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को उद्योग एवं राज्य की विकास योजनाओं से जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। शोध संस्थानों की विशेषज्ञता का उपयोग नई तकनीकों के विकास और मौजूदा समस्याओं के तकनीकी समाधान तैयार करने में किया जा सकता है।

इससे राज्य में नवाचार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने, युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने और वैज्ञानिक ज्ञान को व्यावहारिक उपयोग में लाने में मदद मिल सकती है। बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की अपर प्रधान सचिव चित्रा अरुमुगम सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Share this news

About desk

Check Also

IAT NEWS INDO ASIAN TIMES ओडिशा की खबर, भुवनेश्वर की खबर, कटक की खबर, आज की ताजा खबर, भारत की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज, इंडिया की ताजा खबर

जाजपुर में देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़

    दो महिलाओं समेत पांच हिरासत में     मुख्य डाकघर के पास मकान …