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राजधानी में हुई 97.2 मिमी बारिश
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शहीद नगर समेत कई निचले इलाकों के घरों में घुसा पानी
भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में बुधवार रात से जारी भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जबकि निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है। शहीद नगर स्थित शांतिपल्ली बस्ती सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है, जहां सैकड़ों घरों में घुटनों तक पानी भर गया।
बारिश बुधवार रात करीब 11 बजे शुरू हुई और आधी रात के बाद और तेज हो गई, जो पूरी रात जारी रही। शुक्रवार सुबह तक भी भुवनेश्वर सहित ओडिशा के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, आज सुबह 5 बजे तक भुवनेश्वर में 97.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। पिछले 12 घंटों (सुबह 7 बजे तक) में शहर के विभिन्न हिस्सों में भारी से अत्यधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। मधुसूदन नगर में सर्वाधिक 107.0 मिमी बारिश हुई, जबकि नयापल्ली में 97.2 मिमी, जगमोहन नगर में 90.4 मिमी, लक्ष्मी सागर में 90.0 मिमी और शहीद नगर में 83.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा खंडगिरि में 73.2 मिमी, खरबेला नगर में 59.4 मिमी, चंद्रशेखरपुर में 50.2 मिमी और पटिया में 34.6 मिमी बारिश हुई।
कई इलाकों में सड़कें जलमग्न रहीं
शहर के कई इलाकों में सड़कें जलमग्न रहीं, जिससे लोगों और वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। भुवनेश्वर और कटक दोनों शहरों में जलभराव के कारण दैनिक गतिविधियां प्रभावित हुईं और लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
शांतिपल्ली में सैकड़ों घरों में घुसा पानी
शांतिपल्ली बस्ती पूरी तरह जलमग्न होने से सैकड़ों परिवारों के घरों में पानी घुस गया और सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जलभराव से सबसे अधिक प्रभावित इस निचले इलाके के लोगों ने सरकार और नगर प्रशासन से तत्काल राहत एवं जल निकासी की मांग की है।
लगातार वर्षा के कारण नालियां उफान पर आ गईं, जिससे गंदा पानी घरों में भर गया। सुबह जब लोग उठे तो उनके कमरे, रसोईघर और घरेलू सामान पानी में डूबे मिले। कई परिवारों के लिए भोजन बनाना भी मुश्किल हो गया है।
रसोई का सामान और खाद्यान्न हुए खराब
स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी भर जाने से चूल्हे और गैस स्टोव खराब हो गए हैं। घरों में रखा चावल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री भी भीगकर खराब हो गई है। फर्नीचर, बिस्तर और घरेलू उपयोग की अन्य वस्तुएं भी जलमग्न हो गई हैं। कई परिवारों के सामने अब रोजमर्रा का जीवन चलाना बड़ी चुनौती बन गया है।
बस्ती के निवासियों ने कहा कि जब तक पानी नहीं निकलता, तब तक वे न तो भोजन बना सकते हैं और न ही सामान्य दिनचर्या शुरू कर सकते हैं।
सरकार से तत्काल राहत की मांग
प्रभावित लोगों ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि उनके घरों से जल्द से जल्द पानी निकाला जाए और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
स्थानीय निवासियों का कहना है, “हमारे घरों के भीतर रखा पूरा सामान भीग गया है। खाना बनाने का कोई साधन नहीं बचा है। सरकार तुरंत पानी निकलवाए और प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराए।”
हर बारिश में जलभराव बन रहा बड़ी समस्या
शांतिपल्ली बस्ती के लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। हर वर्ष कुछ घंटों की तेज बारिश के बाद ही पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर मानसून में उन्हें इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने स्थायी समाधान की मांग करते हुए कहा कि केवल अस्थायी राहत पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है।
अगले दो दिनों तक और बारिश की संभावना
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले दो दिनों तक भुवनेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में और बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। लगातार वर्षा की संभावना को देखते हुए शांतिपल्ली बस्ती के लोगों की चिंता और बढ़ गई है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा और जल निकासी व्यवस्था प्रभावी नहीं रही, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
लोगों को सतर्क रहने के निर्देश
प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल बारिश रुकने के कोई संकेत नहीं हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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