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दस्तावेजों पर श्रीमंदिर कार्यालय की नकली मुहर और एसजेटीए मुख्य के फर्जी हस्ताक्षर भी लगाए
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एसजेटीए ने जारी की चेतावनी
भुवनेश्वर। सोशल मीडिया पर श्री जगन्नाथ मंदिर (श्रीमंदिर) स्क्वाड में भर्ती के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र वायरल होने के बाद श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रशासन के अनुसार, इन फर्जी नियुक्ति पत्रों में दावा किया गया है कि अभ्यर्थियों की नियुक्ति ओडिशा गृह विभाग के तहत जगन्नाथ मंदिर स्क्वाड में की गई है। इन दस्तावेजों पर श्रीमंदिर कार्यालय की नकली मुहर और एसजेटीए के मुख्य प्रशासक डॉ अरविंद पाढ़ी के फर्जी हस्ताक्षर भी लगाए गए हैं, जिससे इन्हें आधिकारिक रूप देने की कोशिश की गई है।
हालांकि, एसजेटीए ने स्पष्ट रूप से इन नियुक्ति पत्रों को पूरी तरह फर्जी बताया है और कहा है कि इस प्रकार की कोई भर्ती न तो मंदिर प्रशासन द्वारा और न ही किसी सरकारी एजेंसी द्वारा की गई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कम से कम 16 लोगों के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए गए हैं। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं, ताकि इन दस्तावेजों को तैयार करने और प्रसारित करने वालों की पहचान की जा सके।
एसजेटीए ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा के ओएसडी हेमंत कुमार पाढ़ी ने कहा कि हमारे कार्यालय या मंदिर प्रशासन की ओर से ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। यह पूरी तरह से फर्जी मामला है। सरकार या प्रशासन द्वारा कोई विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। हम इसकी उत्पत्ति और जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच करेंगे।
प्रशासन ने नौकरी तलाश रहे युवाओं और आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी भर्ती से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक सरकारी या एसजेटीए स्रोतों से ही सत्यापित करें। साथ ही, सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे किसी भी संदिग्ध संदेश या दस्तावेजों पर भरोसा न करें।
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