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लगभग 33,458.30 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई
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बाढ़ प्रभावितों के साथ खड़ी ओडिशा सरकार
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मुख्यमंत्री ने 110 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की
भुवनेश्वर। ओडिशा में बाढ़ में 6 लोगों की मृत्यु हुई है तथा 3,567 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। लगभग 33,458.30 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है।बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर जिलों में विशेष रूप से राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रभावित लोगों को खाद्य सामग्री, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, पशु चिकित्सा और अन्य आवश्यक सहायता लगातार उपलब्ध कराई जा रही है।
वर्तमान बाढ़ परिस्थिति में प्रभावित प्रत्येक परिवार के साथ ओडिशा सरकार दृढ़ता से खड़ी है। बाढ़ से निपटने, राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 22 जिलों में युद्धस्तर पर कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्वयं हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का आकलन करने के बाद विभिन्न जिलों में राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावितों के लिए प्रारंभिक चरण में 110 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की है तथा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रारंभिक आकलन के आधार पर प्रभावितों को तुरंत सहायता प्रदान की जाए।
अंतिम क्षति आकलन के बाद अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलेगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतिम क्षति आकलन के बाद आवश्यकतानुसार अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। सड़कों, पुलों एवं अन्य क्षतिग्रस्त अवसंरचना की मरम्मत के लिए भी अंतिम मूल्यांकन के पश्चात सहायता दी जाएगी।
सभी पात्र लाभार्थियों को ‘ग्रैच्युटस रिलीफ’
राज्य सरकार द्वारा सभी पात्र लाभार्थियों को ‘ग्रैच्युटस रिलीफ’ (जीआर) उपलब्ध कराया जाएगा, जो सामान्य स्थिति बहाल होने तक जारी रहेगा। राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष के प्रावधानों के अनुसार पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 1.20 लाख, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकानों के लिए 6,500, कच्चे मकानों के लिए 4,000, ढहे हुए झोपड़ी मकानों के लिए 8,000 तथा गोशालाओं के लिए 3,000 की सहायता प्रदान की जाएगी।
कृषि क्षेत्र में नुकसान की भरपाई होगी
कृषि क्षेत्र में हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 8,500 (असिंचित भूमि), 17,000 (सिंचित भूमि) तथा 22,500 (बहुवर्षीय फसलों) के हिसाब से सहायता दी जाएगी।
मृतकों के परिजनों को 24 लाख की अनुग्रह राशि
बाढ़ से संबंधित मृत्यु के मामलों में 6 मृतकों के परिजनों को एसजीआरएफ मानकों के अनुसार 24 लाख की अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) प्रदान की जाएगी। पशुधन हानि के लिए भी मुआवजा दिया जाएगा, जिसमें दुधारू पशुओं (गाय/भैंस) के लिए 37,500, बकरी/भेड़ के लिए 4,000, भारवाहक पशुओं के लिए 32,000 तथा बछड़े, गधे एवं खच्चरों के लिए 20,000 की सहायता शामिल है।
बाढ़ से 22 जिलों में 8,63,909 लोग प्रभावित
प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार बाढ़ से 22 जिलों के 85 ब्लॉक, 15 शहरी निकाय, 656 ग्राम पंचायतें और 1,458 गांव प्रभावित हुए हैं। लगभग 8,63,909 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 2,67,301 लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।
प्रभावित क्षेत्रों में 529 राहत शिविर और 31 पशु शिविर संचालित
प्रभावित क्षेत्रों में 529 राहत शिविर और 31 पशु शिविर संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित लोगों को चावल, चूड़ा, गुड़, पॉलीथिन शीट सहित आवश्यक सामग्री वितरित की गई है, जबकि पशुपालकों के लिए 1,816 मीट्रिक टन चारे की आपूर्ति की गई है।
बचाव व राहत में 199 टीमें तैनात
बचाव एवं राहत कार्यों को मजबूत करने के लिए 20 ओड्राफ, 7 एनडीआरएफ और 172 अग्निशमन दल सहित कुल 199 टीमें तैनात की गई हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व अत्यधिक प्रभावित जिलों के लिए 26 करोड़ की अग्रिम सहायता भी जारी की जा चुकी है। राज्य सरकार ने पुनः आश्वासन दिया है कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक शीघ्र राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन लगातार कार्यरत है और स्थिति सामान्य होने तक यह प्रयास जारी रहेगा।
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