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आनंदपुर बैराज और पार्वती गिरि मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को मिलेगी रफ्तार
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हजारों हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित
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अभियंता की सेवा नियमित करने को भी स्वीकृति
भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में लोक सेवा भवन में आयोजित ओडिशा मंत्रिमंडल की 45वीं बैठक में छह विभागों के 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें जल संसाधन विभाग की पांच महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति मिली, जिनका उद्देश्य सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कर किसानों की आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को मजबूत करना है।
बैठक के बाद मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि सरकार समयबद्ध परियोजना क्रियान्वयन और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
आनंदपुर बैराज परियोजना के दो पैकेजों को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने एकीकृत आनंदपुर बैराज परियोजना के तहत भूमिगत पाइपलाइन आधारित वितरण प्रणाली के दो पैकेजों को मंजूरी दी।
पहले पैकेज के तहत बालेश्वर जिले में सालंदी बाएं मुख्य नहर के 40.927 से 45.570 किलोमीटर हिस्से में 7,171.77 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भूमिगत पाइपलाइन प्रणाली विकसित की जाएगी। इस पर 145.70 करोड़ रुपये (जीएसटी अलग) खर्च होंगे, जबकि पांच वर्षों के संचालन एवं रखरखाव के लिए 7.30 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। परियोजना 24 माह में पूरी होगी और सोरो तथा औपदा ब्लॉक के किसानों को लाभ मिलेगा।
दूसरे पैकेज में सालंदी नहर के 60.304 से 71.505 किलोमीटर हिस्से में 5,052.68 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए 112.51 करोड़ रुपये (जीएसटी अलग) तथा संचालन एवं रखरखाव के लिए 5.63 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे नीलगिरि, सोरो, रेमुणा और बालेश्वर सदर ब्लॉक के किसान लाभान्वित होंगे।
ये दोनों पैकेज 60 हजार हेक्टेयर क्षमता वाली आनंदपुर बैराज परियोजना के शेष 57 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की व्यापक योजना का हिस्सा हैं।
पार्वती गिरि मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को भी मिली मंजूरी
मंत्रिमंडल ने 10,759.20 करोड़ रुपये की पार्वती गिरि मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के दो क्लस्टरों को भी स्वीकृति प्रदान की।
क्लस्टर-34 के तहत महानदी और दया नदी से पानी उठाकर खोरधा और पुरी जिलों में 7,700 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए 234.78 करोड़ रुपये (जीएसटी अलग) तथा 15 वर्षों के संचालन एवं रखरखाव के लिए 21.81 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसे 36 माह में पूरा किया जाएगा। इससे खोरधा के 54 और पुरी के 38 गांवों के किसान लाभान्वित होंगे।
क्लस्टर-35 के तहत हरभंगी और वंशधारा नदियों से पानी उठाकर रायगड़ा और गजपति जिलों में 4,050 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा दी जाएगी। इस परियोजना पर 133.19 करोड़ रुपये (जीएसटी अलग) तथा 15 वर्षों के संचालन एवं रखरखाव के लिए 12.37 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे रायगड़ा के 29 और गजपति के 9 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा। परियोजना से सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और किसान धान के साथ-साथ नकदी फसलों की खेती भी कर सकेंगे।
अभियंता की सेवा नियमित करने का निर्णय
मंत्रिमंडल ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में सत्यश्री मोहापात्र, सहायक कार्यपालक अभियंता (यांत्रिक) की सेवा को ओडिशा इंजीनियरिंग सेवा (ओईएस) संवर्ग में नियमित करने का भी निर्णय लिया। इसके लिए भर्ती नियमों में एकमुश्त छूट प्रदान की गई है। यह निर्णय उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखते हुए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) खारिज किए जाने के बाद लिया गया।
राज्य सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से हजारों किसान परिवारों को वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, भूमिगत एवं दबाव आधारित आधुनिक सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा तथा कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
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