Home / Odisha / पुरी में रथयात्रा में 2,500 टन कचरे का निष्पादन

पुरी में रथयात्रा में 2,500 टन कचरे का निष्पादन

  •     मूसलाधार बारिश के बीच भी नहीं थमी सफाई व्यवस्था

  •   1,600 सफाईकर्मियों ने जलभराव के बीच संभाला मोर्चा

  •     160 किलोमीटर सड़कें साफ कीं

  •     6.8 करोड़ लीटर पेयजल वितरण

  •     63 हजार मरीजों का उपचार और 150 से अधिक संस्थाओं ने संभाली सेवा की जिम्मेदारी

पुरी। भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा 2026 केवल आस्था का महापर्व ही नहीं, बल्कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट प्रशासनिक प्रबंधन और सफाई व्यवस्था का भी उदाहरण बनकर सामने आई। लगातार मूसलाधार बारिश, जलभराव और लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच पुरी नगर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए लगभग 1,600 सफाईकर्मियों ने दिन-रात अथक परिश्रम किया। रथयात्रा अवधि में उन्होंने करीब 2,500 टन कचरे का निष्पादन किया और लगभग 160 किलोमीटर सड़कों की सफाई सुनिश्चित की।

बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया था, लेकिन सफाईकर्मी घंटों तक घुटनों तक पानी में उतरकर नालियों की सफाई, कचरा हटाने और मार्गों को सुचारु बनाने में जुटे रहे। दर्जनों पंपों और आपातकालीन उपकरणों की सहायता से प्रमुख मार्गों से कुछ ही समय में पानी निकाल दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित नहीं हुई।

25 से अधिक विभागों ने एकजुट होकर कार्य किया

पुरी जिला प्रशासन ने जिलाधिकारी दिव्यज्योति परिड़ा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के मार्गदर्शन तथा मुख्य सचिव की निगरानी में इस विशाल आयोजन का संचालन किया। 25 से अधिक विभागों ने एकजुट होकर कार्य किया। पहली बार 23 विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी), 162 कार्यपालक दंडाधिकारी, एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर, वायरलेस संचार प्रणाली और डिजिटल समन्वय व्यवस्था के माध्यम से हर स्थिति पर तत्काल निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

श्रद्धालुओं की सुविधा पर रहा फोकस

श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पूरे शहर में सैकड़ों जल केंद्र, वाटर एटीएम और टैंकरों के माध्यम से 6.8 करोड़ लीटर से अधिक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया गया।

चिकित्सक, नर्स और पैरामेडिकल कर्मी चौबीसों घंटे तैनात रहे

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 82 चिकित्सा शिविर, 15 अस्थायी अस्पताल, 82 एंबुलेंस तथा सैकड़ों चिकित्सक, नर्स और पैरामेडिकल कर्मी चौबीसों घंटे तैनात रहे। रथयात्रा के दौरान 63 हजार से अधिक मरीजों का उपचार किया गया, जबकि आपातकालीन चिकित्सा दल औसतन डेढ़ से दो मिनट के भीतर मौके पर पहुंचने में सफल रहे।

लाखों श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन की थी व्यवस्था

भोजन व्यवस्था में भी व्यापक जनसहयोग देखने को मिला। 150 से अधिक स्वयंसेवी संगठनों और लगभग 5,000 स्वयंसेवकों ने लाखों श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन और पेयजल की व्यवस्था की। इतनी बड़ी मात्रा में भोजन वितरण से उत्पन्न कचरे के बावजूद सफाईकर्मियों ने बिना रुके सफाई अभियान जारी रखा और पूरे शहर को स्वच्छ बनाए रखा।

सामान्य 11.8 दिनों के मुकाबले 19 दिनों तक वर्षा हुई

इस वर्ष रथयात्रा के दौरान पुरी में सामान्य 11.8 दिनों के मुकाबले 19 दिनों तक वर्षा हुई और शहर में लगभग 650 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद प्रशासन की पूर्व तैयारी, विभिन्न विभागों के समन्वय और हजारों कर्मयोगियों की निस्वार्थ सेवा के कारण रथयात्रा का पूरा आयोजन सुरक्षित, व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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