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1,615 करोड़ रुपये से 2029 तक हर पात्र शहरी परिवार को पक्का घर
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पांच वर्षों में 3 से 3.5 लाख अतिरिक्त परिवारों को मिलेगा लाभ
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किफायती आवास, ऋण सहायता और निर्माण अनुदान पर रहेगा विशेष जोर
भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में लोक सेवा भवन में आयोजित ओडिशा मंत्रिमंडल की 45वीं बैठक में ‘पीएमएवाई-(शहरी) बंधु’ योजना को मंजूरी दे दी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के पूरक के रूप में तैयार की गई इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य वर्ष 2029 तक प्रत्येक पात्र शहरी परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) बेनिफिशियरी असिस्टेंस फॉर नर्चरिंग डेवलपमेंट ऑफ हाउसिंग यूनिट्स (बंधु) नामक इस योजना पर वर्ष 2025 से 2030 के बीच 1,615 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना का उद्देश्य किफायती आवास परियोजनाओं की वित्तीय व्यवहार्यता बढ़ाना, लाभार्थियों के आर्थिक योगदान को आसान बनाना तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के परिवारों को सस्ती ब्याज दर पर आवास ऋण उपलब्ध कराना है।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि यह योजना ‘विकसित ओडिशा, विकसित भारत’ विजन दस्तावेज के अनुरूप है। राज्य सरकार वर्ष 2024 में शहरी क्षेत्रों में 59 प्रतिशत पक्के घरों की उपलब्धता को बढ़ाकर 2029 तक 90 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के माध्यम से 3 से 3.5 लाख अतिरिक्त शहरी परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना के चार प्रमुख घटक
पहला घटक (675 करोड़ रुपये):
किफायती आवास साझेदारी (एएचपी), किफायती किराये के आवास (एआरएच) तथा ट्रांजिट हाउसिंग परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता अंतर अनुदान (वायबिलिटी गैप फंडिंग) प्रदान की जाएगी। इसके तहत लगभग 30 हजार एएचपी आवास तथा 10 हजार किराये एवं ट्रांजिट आवास इकाइयों को सहायता मिलेगी। छोटे शहरी निकायों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
दूसरा घटक (685 करोड़ रुपये):
लाभार्थियों को निर्माण के दौरान मजदूरी क्षतिपूर्ति, स्वयं के अंशदान में सहायता तथा समय से पहले निर्माण पूरा करने पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
तीसरा घटक (100 करोड़ रुपये):
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सस्ती दर पर आवास ऋण उपलब्ध कराने और ब्याज अनुदान की सुविधा दी जाएगी।
चौथा घटक (125 करोड़ रुपये):
क्लस्टर हाउसिंग, झुग्गी पुनर्विकास अथवा अन्य योजनाओं के कारण विस्थापित परिवारों को विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
योजना के तहत बनने वाली सभी नई आवासीय परियोजनाओं में खुले स्थान, सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन जैसी टिकाऊ विकास सुविधाएं अनिवार्य होंगी। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र, बच्चों के खेल मैदान, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानें जैसी सामाजिक आधारभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। आवास आवंटन में कमजोर, वंचित और दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दी जाएगी।
वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और पीएमएवाई-यू 2.0 राज्य के 115 शहरी स्थानीय निकायों में लागू है। अब अधिसूचित 28 नए शहरी निकायों को भी इस योजना के दायरे में शामिल किया जाएगा।
राज्य सरकार का मानना है कि ‘पीएमएवाई-(शहरी) बंधु’ योजना और प्रस्तावित ‘ओडिशा हाउसिंग फॉर ऑल’ नीति के संयुक्त क्रियान्वयन से शहरी आवास निर्माण को नई गति मिलेगी और दशक के अंत तक प्रत्येक पात्र शहरी परिवार के अपने पक्के घर का सपना साकार हो सकेगा।
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