-
आर्थिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण गठन का रास्ता साफ
-
मंत्रिमंडल ने ओडिशा विकास प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक-2026 को दी मंजूरी
-
भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप राज्य का पहला सिटी इकोनॉमिक रीजन बनेगा
भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में लोक सेवा भवन में हुई ओडिशा मंत्रिमंडल की 45वीं बैठक में राज्य के आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने आवास एवं शहरी विकास विभाग के ओडिशा विकास प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक-2026 को स्वीकृति प्रदान की, जिससे राज्य में आर्थिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (इकोनॉमिक रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी-ईआरडीए) के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया।
इस संशोधन के तहत ओडिशा विकास प्राधिकरण अधिनियम-1982 में “आर्थिक क्षेत्र” और “आर्थिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण” की नई परिभाषाएं जोड़ी जाएंगी तथा नया अध्याय-2ए शामिल किया जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार बिना नया कानून बनाए आवश्यकता के अनुसार विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों के लिए ईआरडीए का गठन कर सकेगी।
राज्य सरकार के विजन-2036 और विजन-2047 में शहरीकरण को आर्थिक विकास का प्रमुख आधार माना गया है। इसके तहत शहरों के समूहों को आधुनिक बुनियादी ढांचे, रोजगार, परिवहन, उद्योग और बेहतर नागरिक सेवाओं से युक्त एकीकृत आर्थिक गलियारों के रूप में विकसित करने की योजना है।
सरकार ने जिन प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों की पहचान की है, उनमें भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप (बीकेपीपीईआर), बरगढ़-झारसुगुड़ा-संबलपुर, ब्रह्मपुर-छत्रपुर-गोपालपुर तथा जयपुर-कोरापुट-सुनाबेड़ा शामिल हैं।
इनमें भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप (बीकेपीपीईआर) क्षेत्र के लिए नीति आयोग के सहयोग से आर्थिक विकास योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है। विधेयक को विधानसभा की मंजूरी मिलने के बाद इसे ओडिशा का पहला सिटी इकोनॉमिक रीजन (सीईआर) घोषित किया जाएगा।
विशेष बात यह है कि केंद्रीय बजट 2026-27 में पूरे देश के केवल चार सिटी इकोनॉमिक रीजन को मान्यता दी गई है। इनमें बीकेपीपीईआर (ओडिशा), वाराणसी (उत्तर प्रदेश), सूरत (गुजरात) और विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) शामिल हैं। इससे ओडिशा की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व मिला है।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि प्रत्येक आर्थिक क्षेत्र के लिए अलग आर्थिक योजना और मास्टर प्लान तैयार किए जाएंगे, जिससे नगर निगमों और विकास प्राधिकरणों की सीमाओं से आगे बढ़कर समग्र क्षेत्रीय विकास संभव होगा। इससे निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा आवास, परिवहन, सार्वजनिक सेवाओं और जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा।
नए आर्थिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण संबंधित क्षेत्रों के विभिन्न विकास प्राधिकरणों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। इससे बंदरगाहों, औद्योगिक केंद्रों, शहरी क्षेत्रों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों तथा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को एकीकृत कर बहु-जिला आर्थिक गलियारों के विकास को गति मिलेगी।
राज्य सरकार का मानना है कि यह सुधार ओडिशा को देश में अगली पीढ़ी के आर्थिक विकास मॉडल के अग्रणी राज्यों में शामिल करेगा और शहरों के समूहों को सशक्त एवं समन्वित आर्थिक विकास केंद्रों के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
