-
ओडिशा में हालात तेजी से सामान्य: मुख्य अभियंता
-
22 से अधिक जिले बाढ़ से हुए प्रभावित
-
फसल व संपत्ति के नुकसान का आकलन शुरू
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्य अभियंता (जल संसाधन) दिलीप राउत ने कहा है कि राज्य में अब महानदी सहित किसी भी प्रमुख नदी में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। उन्होंने बताया कि हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं और बाढ़ नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से काम कर रही हैं।
दिलीप राउत ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि हाल की बाढ़ का मुख्य कारण बेहद कम समय में हुई अत्यधिक वर्षा थी। उन्होंने बताया कि अल नीनो के प्रभाव के कारण पहले कम बारिश की संभावना जताई गई थी। जून में सामान्य से 47 प्रतिशत कम वर्षा होने के कारण जलाशयों में पानी सुरक्षित रखा गया था। लेकिन जुलाई में सामान्य से 38 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई और कई स्थानों पर कुछ ही घंटों में 200 मिमी से अधिक बारिश होने से अचानक बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
उन्होंने कहा कि महानदी में बाढ़ नियंत्रण की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है। हालांकि, बैतरणी नदी ऐसी प्रमुख नदी है, जहां अब भी कोई समर्पित बाढ़ नियंत्रण प्रणाली उपलब्ध नहीं है।
बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर सबसे अधिक प्रभावित
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि बाढ़ से राज्य के 22 से अधिक जिले प्रभावित हुए, जिनमें बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर सबसे अधिक प्रभावित रहे। हालांकि अब स्थिति में काफी सुधार हो चुका है और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है।
नुकसान का सर्वेक्षण शुरू
उन्होंने कहा कि कृषि एवं राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर फसलों, मकानों, विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण कर रही हैं। जल संसाधन विभाग को क्षतिग्रस्त तटबंधों की तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। सुरेश पुजारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त सहायता की औपचारिक मांग किए जाने से पहले ही केंद्र सरकार 500 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता जारी कर चुकी है, जिससे राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जा रही है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
