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तीन दिवसीय स्टेकहोल्डर्स मीट का समापन
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600 से अधिक हितधारकों के सुझावों पर आधारित होगा विश्वविद्यालय का विकास
बालेश्वर। फकीर मोहन विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय “रीविजिट मिशन एफएमयू-2026” स्टेकहोल्डर्स मीट का सफलतापूर्वक समापन हो गया। समापन के अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 तथा वैश्विक उच्च शिक्षा मानकों के अनुरूप विश्वविद्यालय के भविष्य के विकास के लिए हितधारकों के सुझावों पर आधारित रणनीतिक रोडमैप को अपनाया गया।
समापन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो संतोष कुमार त्रिपाठी ने की। इस अवसर पर पीजी काउंसिल के अध्यक्ष प्रो संतोष कुमार अग्रवाला, कुलसचिव कुकुमिना दास तथा परीक्षा नियंत्रक डॉ कमलकांत जेना उपस्थित थे।
अंतिम सत्र में शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श के बाद तैयार किए गए ड्राफ्ट विजन डॉक्यूमेंट को प्रस्तुत किया गया, जिसमें विभिन्न विषयगत सत्रों से प्राप्त सुझावों को शामिल किया गया है। इस दस्तावेज को आगे के क्रियान्वयन के लिए स्वीकार किया गया।
कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि तीन दिनों के दौरान आयोजित नौ विषयगत सत्रों की रिपोर्ट प्रस्तुत करना रहा। सत्र समन्वयकों प्रो निहार रंजन राउत, प्रो पंकज कुमार परही, प्रो संतोष कुमार अग्रवाला, प्रो प्रकाश चंद्र मिश्रा, डॉ. सस्मिता राउत, प्रो पवित्र मोहन नायक, प्रो सुरजेन्दु डे तथा प्रो सच्चिदानंद देहुरी ने अपने-अपने सत्रों से प्राप्त प्रमुख सुझावों, निष्कर्षों और अनुशंसाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि हितधारकों की राय और अपेक्षाओं को विश्वविद्यालय के मिशन, लक्ष्यों तथा दीर्घकालिक विकास योजना में शामिल किया जाएगा।
तीन दिवसीय इस आयोजन में 600 से अधिक हितधारकों ने भाग लिया। इनमें स्नातकोत्तर विद्यार्थी, शोधार्थी, संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य, पूर्व छात्र, अभिभावक, उद्योगपति, शिक्षक, प्रशासनिक कर्मचारी तथा नागरिक समाज के प्रतिनिधि शामिल थे।
विचार-विमर्श के दौरान शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध एवं नवाचार, उद्योगों के साथ साझेदारी, कौशल विकास, रोजगारोन्मुख शिक्षा, डिजिटल प्रशासन, गुणवत्ता आश्वासन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सतत विकास तथा सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर व्यापक सुझाव प्राप्त हुए।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो संतोष कुमार त्रिपाठी ने कहा कि “रीविजिट मिशन एफएमयू-2026 केवल एक विजन डॉक्यूमेंट नहीं, बल्कि फकीर मोहन विश्वविद्यालय को भविष्य के लिए तैयार, छात्र-केंद्रित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी संस्थान बनाने का सामूहिक संकल्प है।” उन्होंने कहा कि विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों को विश्वविद्यालय की रणनीतिक योजना और संस्थागत विकास की प्रक्रिया में चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा।
कार्यक्रम का समापन सहभागी प्रशासन को मजबूत बनाने, शिक्षण, शोध एवं नवाचार में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने, उद्योग एवं समाज के साथ साझेदारी का विस्तार करने तथा फकीर मोहन विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
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