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युवाचार्य पद पर किया मनोनयन
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आद्यप्रवर्तक आचार्य भिक्षु के 301वें जन्मोत्सव पर ऐतिहासिक घोषणा
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तेरापंथ धर्मसंघ को मिला नया नेतृत्व
कटक। जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादश अधिशास्ता, युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण ने धर्मसंघ के भविष्य के नेतृत्व को नई दिशा देते हुए मुख्यमुनि श्री महावीर कुमार को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर युवाचार्य पद पर मनोनीत किया है। यह ऐतिहासिक घोषणा आषाढ़ शुक्ला त्रयोदशी के पावन अवसर पर तेरापंथ धर्मसंघ के संस्थापक आद्यप्रवर्तक आचार्य श्री भिक्षु के 301वें जन्मोत्सव की मंगल बेला में चतुर्विध धर्मसंघ की साक्षी में की गई।
इस संबंध में जानकारी देते हुए कटक में मुनिश्री मोहजीत कुमार ने कहा कि आचार्य श्री महाश्रमण ने धर्मसंघ की परंपरा, अनुशासन और आध्यात्मिक मूल्यों को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से मुख्यमुनि महावीर कुमार को युवाचार्य पद की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय धर्मसंघ की निरंतरता, संगठनात्मक मजबूती और आध्यात्मिक नेतृत्व को और सशक्त करेगा।
आचार्य श्री महाश्रमण वर्तमान समय के प्रमुख जैन संत हैं। वे अपने तप, त्याग, संयम, अहिंसा, नैतिक जीवन और मानवीय मूल्यों के संदेश के लिए देश-विदेश में सम्मानित हैं। उनकी अहिंसा यात्रा के माध्यम से समाज में सद्भाव, नशामुक्ति, नैतिकता, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय एकता का व्यापक संदेश पहुंचा है। उन्होंने लाखों लोगों को आत्मानुशासन, चरित्र निर्माण और आध्यात्मिक जीवन की प्रेरणा दी है।
धर्मसंघ के साधु-साध्वियों, श्रावक-श्राविकाओं और श्रद्धालुओं ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए इसे तेरापंथ धर्मसंघ के लिए ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया। उनका मानना है कि युवाचार्य के रूप में मुख्यमुनि महावीर कुमार के नेतृत्व में धर्मसंघ आचार्य महाश्रमण की आध्यात्मिक परंपरा, सेवा, साधना और मानव कल्याण के संदेश को नई ऊर्जा और व्यापकता के साथ आगे बढ़ाएगा।
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