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भद्रक में सात स्थानों पर तटबंध टूटे
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खाद्यान्न आपूर्ति सामान्य
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हीराकुद बांध से 22 फाटकों के जरिए जल निकासी जारी
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राहत एवं बचाव कार्य तेज
भुवनेश्वर। ओडिशा में लगातार हो रही भारी वर्षा से आई बाढ़ के कारण कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। भद्रक जिले में सात स्थानों पर तटबंध टूटने से ग्रामीण संपर्क व्यवस्था बाधित हो गई है। इनमें सालंदी नदी पर दो और नालिया क्षेत्र में पांच स्थानों पर कटाव होने से कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
खाद्य आपूर्ति मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने कहा कि बाढ़ के बावजूद सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने बताया कि जुलाई माह का चावल कोटा पहले ही वितरित किया जा चुका है और सभी जिलों में पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध है। अन्नपूर्णा योजना के तहत लाभार्थियों के पास पर्याप्त चावल है, जबकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सूखा राशन भी पहुंचाया जा चुका है।
वहीं, कटक जिले के निआली क्षेत्र में तेज बहाव के कारण देबी नदी के तटबंध पर किया गया पत्थर पैकिंग कार्य ध्वस्त हो गया है। इससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रेत से भरी बोरियों के माध्यम से मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है ताकि आगे और कटाव को रोका जा सके।
इधर, हीराकुद बांध में जल आवक और निकासी 3,89,707 क्यूसेक पर संतुलित बनी हुई है। बांध का जलस्तर 625.47 फीट दर्ज किया गया है तथा वर्तमान में 22 फाटकों के माध्यम से नियंत्रित रूप से पानी छोड़ा जा रहा है।
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