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सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध, 58 रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैनात
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आपात चिकित्सा सेवाओं और चारे की आपूर्ति को किया गया और अधिक सक्रिय
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245 पशु स्वास्थ्य शिविरों में अब तक 15,179 पशुओं का उपचार
भुवनेश्वर। ओडिशा के मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास तथा एमएसएमई मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने बताया कि राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में घरेलू पशुधन की सुरक्षा, आपात चिकित्सा सेवाओं और चारे की आपूर्ति को और अधिक सक्रिय किया गया है।
मंत्री के अनुसार, राज्य के 9 जिलों के 45 ब्लॉकों, 398 ग्राम पंचायतों और 1,341 गांवों में लगभग 4,88,868 पशुधन बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इस आपदा के मद्देनजर पशुपालन विभाग द्वारा 58 रैपिड रिस्पॉन्स टीम तैनात की गई हैं। इन टीमों के माध्यम से आयोजित 245 पशु स्वास्थ्य शिविरों में अब तक 15,179 पशुओं का उपचार किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए बाढ़ पूर्व 6,46,825 तथा बाढ़ के बाद 11,800 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चारे की कमी को दूर करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। 31 जुलाई तक विभाग को प्राप्त 263.7 मीट्रिक टन चारे में से 157.3 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 13.9 क्विंटल सूखा चारा, 10 क्विंटल भूसा तथा 73.2 क्विंटल हरा चारा भी सहायता के रूप में उपलब्ध कराया गया है।
मंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में कोई भी पशु भूखा न रहे और न ही बिना उपचार के रहे। इसके लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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