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भद्रक, बालेश्वर और जाजपुर जिलों में ग्रामीण पेयजल अवसंरचना को अधिक नुकसान

  •  प्रभावित जिलों में कुल 13,662 नलकूपों में से 6,491 बाढ़ से प्रभावित

  •  2,710 का शुद्धिकरण कार्य पूरा

  •  बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता

भुवनेश्वर। राज्य में जारी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पंचायतिराज एवं पेयजल विभाग ने अपने प्रयासों को और तेज कर दिया है। विभाग द्वारा प्रभावित जल स्रोतों के शुद्धिकरण, पाइप जलापूर्ति योजनाओं के पुनर्स्थापन तथा जहां नियमित आपूर्ति बाधित है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। 31 जुलाई 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, प्रभावित जिलों में कुल 13,662 नलकूपों में से 6,491 बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 2,710 का शुद्धिकरण कार्य पूरा किया जा चुका है। इसी प्रकार 642 पाइप जलापूर्ति परियोजनाओं में से 357 प्रभावित हुई हैं, जिनमें 101 का पुनर्स्थापन या शुद्धिकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। तीन जिलों पर विशेष फोकस भद्रक, बालेश्वर और जाजपुर जिलों में ग्रामीण पेयजल अवसंरचना को अधिक नुकसान पहुंचा है, जहां विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भद्रक में 3,411 नलकूप प्रभावित हुए, जिनमें से 1,311 का शुद्धिकरण किया जा चुका है। बालेश्वर में 2,191 नलकूप प्रभावित हुए, जिनमें 545 का शुद्धिकरण पूरा हुआ है, साथ ही 75 प्रभावित पीडब्लूएस परियोजनाओं का पुनर्स्थापन किया गया है। जाजपुर में 511 नलकूप प्रभावित हुए, जिनमें से 122 का शुद्धिकरण किया जा चुका है। बाढ़ का पानी घटने के साथ जलमग्न स्रोतों तक पहुंच संभव हो रही है और क्षेत्रीय टीमें तेजी से शुद्धिकरण एवं पुनर्स्थापन कार्य में जुटी हैं। अब तक 1,92,235 पेयजल बोतल वितरित पुनर्स्थापन अवधि के दौरान निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 47 डीजी सेट, 10 मोबाइल वाटर ट्रीटमेंट यूनिट, 37 पानी के टैंकर तथा 35 अतिरिक्त वाहन/ट्रैक्टर तैनात किए गए हैं। अब तक 1,92,235 पेयजल बोतल/पाउच वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 4,65,000 बोतलें अतिरिक्त रूप से उपलब्ध रखी गई हैं। साथ ही 4,420 बोरी ब्लीचिंग पाउडर शुद्धिकरण कार्य हेतु उपलब्ध है। राज्य कंट्रोल रूम का संपर्क नंबर जारी निगरानी और शिकायत निवारण के लिए भुवनेश्वर स्थित इंजीनियर-इन-चीफ, आरडबूल एस एंड एस कार्यालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम संचालित हो रहा है। राज्य स्तर पर प्राप्त शिकायतों को तत्काल संबंधित इकाइयों को भेजा जा रहा है। राज्य कंट्रोल रूम का संपर्क नंबर 0674-2391203 है। इसके अलावा सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, जिससे त्वरित समन्वय सुनिश्चित हो रहा है। आवश्यक मरम्मत कार्य तेज पेयजल अवसंरचना सहित अन्य क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आकलन और पुनर्स्थापन कार्य भी समानांतर रूप से जारी है। विशेष राहत आयुक्त के निर्देशानुसार आवश्यक मरम्मत कार्य एसडीआरएफ सहायता की प्रतीक्षा किए बिना तत्काल शुरू किए जा रहे हैं। विभाग ने कहा कि बाढ़ और उसके बाद की स्थिति में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके लिए राज्य स्तर से लेकर जमीनी स्तर तक निरंतर निगरानी एवं समन्वय बनाए रखा जा रहा है।

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