-
नदियों और तटबंधों पर कड़ी निगरानी
-
सुपरिंटेंडिंग और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कटक, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर और पुरी जिलों में पूरी तरह सतर्क
भुवनेश्वर। राज्य में उभरती बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने अपनी फील्ड स्तर की तैयारियों को और सुदृढ़ कर दिया है। नदियों के जलस्तर और बाढ़ नियंत्रण ढांचों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय रूप से मैदान में तैनात हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति की गई है ताकि लगातार निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
वरिष्ठ फील्ड इंजीनियर तटबंधों, नदी प्रणालियों और अन्य महत्वपूर्ण बाढ़ प्रबंधन संरचनाओं पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। विभाग ने तैयारी को और मजबूत करने के लिए माइनर इरिगेशन (एमआई), मेगा लिफ्ट इरिगेशन, क्वालिटी एश्योरेंस (क्यूए) और सर्वे एंड इन्वेस्टिगेशन (एस एंड आई) विंग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को कटक, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर और पुरी जिलों में पूरी तरह सतर्क रखा है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तुरंत फील्ड में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
रेत की बोरियों की मदद से पानी का बहाव रोका
इसी क्रम में महानदी, ब्राह्मणी और बैतरणी बेसिन सिस्टम के मुख्य अभियंता ने आलि ब्लॉक के गोविंदपुर स्थित महादेव मंदिर के पास खरसुआं नदी के ओएई-9बी ओवरफ्लो सेक्शन का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। पानी के बहाव वाले हिस्से को रेत की बोरियों की मदद से सफलतापूर्वक बंद कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
विभाग ने सभी फील्ड अधिकारियों को सतर्क रहते हुए स्थिति पर कड़ी नजर रखने और आवश्यकता अनुसार तुरंत निवारक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी संभावित बाढ़ स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
